@ग्रामीण व कब्जाधारी के बीच हुई झड़प 6 घायल।
@धान की फसल काटने को लेकर जमकर चले लाठी-डंडे, 2 महिला समेत 4 घायल, पुलिस फोर्स रही तैनात।
@प्रशासन की गैर जिम्मेदारना हरकत से बिगाड़ रही है कानून व्यवस्था।
@शासकीय जमीन पर कब्जा करने वाले के विरुद्ध ग्रामीण हुए लामबंद खेतों में लगा फसलों को काटा हुआ बवाल।
@प्रशासन से ग्रामीण शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त करने की कर रहे थे गुहार पर जिम्मेदार नहीं निभा रहे थे @जिम्मेदारी..आखिर कानून व्यवस्था बिगड़ गई?
@अतिक्रमित भूमि पर लगी धान की फसल काटने लगे ग्रामीण..दूसरे पक्ष ने कर दिया हमला, 95 एकड़ गौचर भूमि पर कुछ लोग 15 से 20 वर्ष पूर्व से घर व खेत बनाकर कर रहे थे खेती।

-समरोज खान-
सूरजपुर 24 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। सूरजपुर जिला इस समय कानून व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में अभी दोहरे हत्याकांड मामला ठंडा भी नहीं हुआ और दूसरा मामला फिर सामने आ गया है, शासकीय जमीन पर कब्जा कर एक व्यक्ति फसल लगा दिया था, उसे व्यक्ति से भूमि का कब्जा छुड़वाने के लिए प्रशासन से गुहार की गई थी पर प्रशासन नहीं दिया ध्यान तो ग्रामीण ही हुए लामबंद और फसल काटकर शासकीय जमीन को कब्जा मुक्त करने का कर रहे थे प्रयास, इसी बीच कब्जाधारी आकर करने लगा विरोध और इसी बीच हो गई मारपीट और दो लोग हुए घायल, वही फसल काटने से ग्रामीणों को रोकने पहुंचे पुलिस वालों पर भी हुआ पथराव इसके बाद सूरजपुर से पुलिस बल मंगवाया गया और उसके बाद फिर माहौल को शांत करने का प्रयास किया गया। वहीं घायलों का उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के बसदई चौकी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत जूर में स्थित 97 एकड़ शासकीय भूमि में से 35 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर जमकर विवाद हुआ, दो लोगों को आई गंभीर चोट, ग्राम पंचायत जूर में शासकीय भूमि पर गाँव का ही पन्ने लाल साहू लगभग 35 एकड़ को कब्जा कर लिया है और उसे पर गुंडागर्दी करते हुए जबरदस्ती जमीन पर खेती कर रहा है जिसे लेकर ग्रामीण कई बार राजस्व विभाग के अधिकारियों को शिकायत की उसके बावजूद भी राजस्व विभाग के अधिकारी इस मामले पर संज्ञान नहीं लिए, इसके बाद ग्रामीण खुद ही यह निर्णय लिया कि मंगलवार को खुद जाकर खेत में लगे फसल को कटेंगे और शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त करेंगे, जिसके लिए ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी और मुनादी भी कराया इसके बाद जाकर मंगलवार को खेतों में लगे फसल को काटने लगे जिस पर कब्जाधारी का परिवार जाकर विवाद करने लगा और मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए वहीं ग्रामीणों में इतना आक्रोश था की फसल काटने से रोकने वाले पुलिसकर्मियों पर भी पथराव करने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय गोचर भूमिका यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है जबकि इस भूमि में न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकार का फसल उत्पादन या अन्य कार्य न करने का आदेश जारी किया गया है। गोचर मद की भूमि पर धान की खेती कर रहा है जिसको लेकर सभी ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
लाठी-डंडे से हमला


भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जूर में लगभग 95 एकड़ गौचर भूमि पर कब्जा कर लगाई गई फसल को ग्रामीणों द्वारा एकजुट होकर काटने के दौरान कथित अतिक्रमणकारियों ने उन पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इससे दो पुरूष व दो महिलाएं घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इस घटना को लेकर गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रही। सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जूर में 95 एकड़ गौचर भूमि पर ग्राम के ही कुछ लोग 15 से 20 वर्ष पूर्व से घर व खेत बनाकर खेती कर रहे हैं। इसके खिलाफ ग्राम पंचायत के निवासी बीच-बीच में बेजा कब्जा हटाने की कार्यवाही की मांग प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से करते रहे हैं। वर्तमान में भी फसल जब्ती करने हेतु ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार, एसडीएम व कलेक्टर से गुहार लगाई गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई न होता देख ग्रामीणों ने अंतिम आवेदन सौंपकर 22 अक्टूबर को कथित रूप से कथित रूप से अतिक्रमित भूमि पर लगाए गए धान काटने की तिथि निश्चित कर ली। गौचर भूमि से कब्जे को हटाने के लिए ग्राम पंचायत के ग्रामीण इस घटना के पूर्व कई बार आंदोलन, भूख हड़ताल सहित अधिकारी व नेताओं से निवेदन कर चुके हैं। समाधान नहीं होता देख ग्रामीणों ने खुद ही फसल काटकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का कदम उठाया है।
गांव में मुनादी कराकर फसल काटने पहुचे
बाकायदा ग्रामीणों ने 21 अक्टूबर की रात पूरे गांव में मुनादी कराकर फसल काटने के लिए आने को कहा, साथ ही यह भी कहा गया कि जो नहीं आएगा, उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद 22 अक्टूबर मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने एकजुट होकर फसल काटना शुरू कर दिया। वहीं इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम सागर सिंह राजस्व अमले के साथ सुबह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। माहौल न बिगड़े इस हेतु पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। शुरूआत में सब कुछ शांतिपूर्वक चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद कथित अतिक्रमणकारी धान काट रहे ग्रामीणों को लाठी-डंडे से मारने लगे। इससे स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। मारपीट में सुरेश साहू, सुरेंद्र साहू व दो महिलाओं को काफी चोटें आईं। इन्हें तत्काल जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों ने लगाया से आरोप
गांव में तनाव पूर्ण स्थिति को संभालने हेतु मौके पर एसडीएम सागर सिंह, एडिशनल एसपी संतोष महतो सहित पुलिस व राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन हमारे आवेदन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। यही कारण है कि ग्राम पंचायत के सभी लोग एक मत होकर फसल काटकर अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कुछ अतिक्रमणकारियों के पास पट्टे हैं और मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय व रेवेन्यू बोर्ड में लंबित होने से प्रशासनिक दखल नहीं दिया जा सकता।
पटवारी की कार का तोड़ा शीशा
कथित अतिक्रमणकारियों द्वारा लाठी-डंडे से हमला किए जाने से ग्रामीण उग्र हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद पटवारी ओम प्रकाश नेताम की कार का शीशा तोड़ दिया। पटवारी ने कार स्टार्ट कर पुलिस बल की ओर भागकर अपने आप को सुरक्षित किया।
हाईकोर्ट में दर्ज है मामला

भैयाथान एसडीएम सागर सिंह का कहना है कि वर्तमान में बेजा कब्जाधारियों के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज हैं। पट्टा निरस्त करने हेतु मामला उच्च न्यायालय व रेवन्यू बोर्ड में लंबित है।
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