अंबिकापुर,07 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर सोामवार को कांग्रेस के एक दल ने श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मो. शफी अहमद एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता के नेतृत्व में अम्बिकापुर के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं हमर क्लिनिक के सेहत का जायजा लिया। नावागढ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से प्रारंभ करके शहर के इसके सहित 5 स्वास्थ्य केन्द्रों का जायजा लिया गया। इनमें मगरडोरा, बरेजपारा,गंगापुर और युनानी औषधालय के हमर क्लिनिक शामिल हैं। जांच दल ने पाया कि सीएचसी नावागढ में 14 स्टाफ के सेटअप के विरुद्ध मात्र 7 कर्मचारी ही पदस्थ है, जिनमें मात्र 2 स्टाफ ही नियमित हैं। 5 स्टाफ का संलग्नीकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने विगत वर्ष ही नियुक्ती के लिये आवेदन मंगवाये थे, लेकिन नयी सरकार आने के बाद नियुक्ती को ठंडे बस्ते में डालने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और हमर क्लिनिक में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी ही नहीं है, जिसके कारण इन्हें पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं किया जा पा रहा है। ये सभी स्वास्थ्य केन्द्र लगभग 22 हजार की आबादी को कवर करते हैं और इस 22 हजार की आबादी में मातृत्व स्वास्थ्य टीकाकरण के लिये मात्र 1 स्टाफ मौजूद है, जो कि स्वास्थ्य विभाग की दयनीय स्थिति को बता रहे हैं। स्टॉफ की कमी के कारण धार्मिक यात्राओं में जाने वाले लोगों को सही समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाने का तथ्य जांच के दौरान जांच दल को प्राप्त हुआ। जांच दल ने पाया कि सीएचसी नावागढ मे 54 प्रकार के टेस्ट की सुविधा है, लेकिन मात्र 30 टेस्ट के रिजेन्ट उपलध हैं। लेकिन इन 30 रिजेन्ट से भी संबंधित टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। सीएचसी स्टि्रप वाले महज 8 टेस्ट कर रही है। उपयोग के अभाव में ये रिजेंट जल्द ही एक्सपायरी हो जायेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने बताया कि नावागढ सीएचसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा स्टॉफ की कमी के कारण हो रहा है। सीएचसी में टेस्टिंग की यह स्थिति पूरे प्रदेश में व्याप्त है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि प्रदेश भर के सीएचसी में मौजूद करोडों रुपय के टेस्टिंग रिजेंट जल्द ही एक्सपायरी हो खराब हो जायेंगे, जो कि छाीसगढ जैसे गरीब राज्य की जनता एवं राज्य के खजाने के साथ छल है। स्टाफ की कमी के कारण हमर क्लिनिक का संचालन की नहीं हो पा रहा है। 5 स्टॉफ की नियुक्ती के विरुद्ध इन केन्द्रों में मात्र 3 स्टॉफ मौजूद हैं। हमर क्लिनिक में फार्मसिस्ट नहीं होने के कारण दवा वितरण नहीं हो पा रहा है। सरकार बदलने के बाद शहर में शेष बचे हमर क्लिनिक के भवनों का निर्माण रुक गया है। नावागढ में हमर क्लिनिक मात्र इस वजह से चालू नहीं हो पा रहा है कि वहां टॉयलेट नहीं बन पाया है। श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद ने इन स्वास्थ्य केन्द्रों के निरिक्षण के बाद बताया कि सरकार बदलने के मात्र 10 माह में ऐसा प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग स्वयं बीमार हो गया है। पिछली सरकार में मात्र 5 सालों के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बहुमुखी नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने जो ऐतिहासिक उपलधी हासिल की थी वो ध्वस्त हो गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने जानकारी दी कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर नागरिक हित में शहर में स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों के औचक निरिक्षण का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। स्वास्थ्य केन्द्रों के निरिक्षण के दौरान जांच दल में मो. इस्लाम, अरविंद सिंह गप्पू, विनय शर्मा, मेराज गुड्डू, काजू खान, मो. बाबर, निकि खान भी शामिल रहे।
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