- 72 दिनों में दुगना करने के नाम से संजीत ने ४० लख रुपए लिए पर देने के समय में भाग निकले
- घटना मार्च 2024 का होने की वजह से पुराना धारा के तहत संजीत पर दर्ज हुआ 420 का मामला
- 72 दिनों में रकम दुगनी करने के नाम पर 40 लाख रुपये ठगे व्यवसाई से पिता पुत्र समेत तीन के खिलाफ अपराध दर्ज
- संजीत अग्रवाल ने इम्तियाज़ खान से ठगा 40 लाख…संजीत के पिता व भाई भी थे ठगी में शामिल

-रवि सिंह-
सुरजपुर,26 सितम्बर 2024 (घटती-घटना)। जिला सूरजपुर में दो ठगों ने लोगों को ऐसा ठगा की लोग कंगालपति बन गए और पानी पी पी कर गाली तो दे रहे हैं पर शिकायत करने में पीछे है, यही वजह है कि ठगने वाला अपने आप को मजबूत समझ रहा है और उसका कुच्छ नहीं होगा इसे लेकर वह अस्वस्थ है, जहां ठगने वाले ने 200 से अधिक लोगों को ठगा है पर उसके विरुद्ध शिकायत करने वाले सिर्फ दो व्यक्ति ही सामने आए, पहले शिकायत अंबिकापुर के एक व्यापारी ने की, जिस पर असफाक उल्लाह उनके पिता व उनके बहनोई पर भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज हुआ, क्योंकि मामला जुलाई 2024 का था, वही दूसरा ठग जो संजीत अग्रवाल के नाम से जाना जाता है,उसके विरुद्ध इम्तियाज़ खान की शिकायत पर पुरानी धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ, क्योंकि मामला मार्च 2024 का था जिस वजह से बीएनएस के तहत ना करके पुराना धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया, इस मामले में भी संजीत के पिता व भाई भी शामिल थे, जिस वजह से तीनों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया। सूरजपुर के दो चर्चित ठगो के विरुद्ध आखिर मामला दर्ज हो चुका है, अब बस इंतजार है तो पुलिस के द्वारा उस बड़ी कार्यवाही किए जाने का जिसका लोगो को इंतजार है,पुलिस इन दोनों ठगों से पता कर सके कि आखिर लोगों का पैसा ठग कर इन्होंने किया क्या? एक ठग जहां फरार है वहीं दूसरा ठग लोगों को यह भरोसा दिलाने के लिए दुकान खोलकर बैठा है कि मैं पैसा वापस करूंगा, पर सवाल यह है कि आखिर पैसा कहां से वापस करेगा? आखिर दुगना करने की स्कीम कहां से लाया था? तमाम तरह के सवाल इस मामले से जुड़े हैं जिसका जवाब अब पुलिस को ही ठगों से पूछना है और नियम विरुद्ध तरीके से दुगना करने के मामले का भंडाफोड़ करना है।
आखिर लोगों का पैसा निवेश करने का अधिकार किसने दिया?…कहां से इन्होंने मान्यता प्राप्त की?…
ठगने वाले जिस तरह से लोगों को लाभ व लालच देकर सोशल मीडिया में अपना प्रचार प्रसार करके वह कई लोगों को लाभ पहुंचाने का उदाहरण प्रस्तुत करके निवेश के नाम पर ठग रहे थे और उनका पैसा कुछ दिनों में ही दुगना करने का दावा कर रहे थे,आखिर इन्हें यह पैसा निवेश करने की मान्यता किसने दी थी? आखिर किस कानून के तहत यह पैसा निवेश कर रहे थे? यह अब जांच का विषय हो चला है वह इसलिए भी हो चला है क्योंकि अब मामला पुलिस के पास अपराध दर्ज हो गया है और पुलिस के लिए यह भी अब पता करना उतना ही जरुरी हो गया है कि आखिर यह लोग पैसे का निवेश नियम से कर रहे थे या फिर नियम विरुद्ध तरीके से कर रहे थे? और यदि नियम विरुद्ध तरीके से कर रहे थे तो आखिर कहां कर रहे थे? सट्टा व जुआ खेल रहे थे या फिर कोई और अवैध काम कर रहे? यदि सूरजपुर पुलिस पूरे मामले को निष्पक्ष जांच करके लोगों के सामने रखती है तो सूरजपुर पुलिस की भी एक बड़ी उपलçध होगी और लोगों को भी यह पता चलेगा कि आखिर यह दोनों ठग निवेशकों को ठग कर आखिर करना क्या चाहते थे और क्या हासिल किया और क्यों लोगों को इन्होंने कंगाल किया?
पुलिस को सबसे पहले तो यह जानना होगा कि आखिर लोगों से ठगे हुए करोड़ों की राशि कहां खर्च की गई?…
पुलिस भले ही शिकायत पर दो अलग-अलग अपराध दर्ज कर ली है पर इन दोनों शिकायतों व मामलों के आधार पर पुलिस बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर सकती है यह बड़ा घोटाला इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह घोटाला कम से कम 200 से 250 सौ करोड़ का मान जा रहा है बाकी चर्चाओं में तो 500 करोड़ की भी बात आ रही है पर 500 करोड़ की बात इसलिए मानाने योग नहीं है क्योंकि अभी तक सिर्फ 30 व 40 लाख के ही ठगने की शिकायत सामने आई है, आखिर यह दोनों ठगों ने इतना पैसा यदि लिया तो इन पैसों का उन्होंने किया क्या? आखिर यह पैसा वह कहां निवेश कर रहे थे? क्या लोगों को ठगने वाले खुद ठगा गए? या फिर सारा पैसा अंदर कर कुंडली मारकर बैठे हैं? या सारा पैसा ऐसो आराम में खर्च कर दिया? तमाम तरह के सवाल हैं जिसका पुलिस को जवाब भी इन ठगो से ही मिलेगा, इसके लिए पुलिस को कड़ा रुख अपनाना पड़ सकता है ताकि आने वाले समय में ऐसे ठगों से लोगों को बचाया जा सके।
पुलिस दो शिकायत पर ही चाहेगी तो बड़ा भंडाफोड़ कर सकती है?
अभी तक पुलिस लाचार थी और शिकायत का बहाना ढूंढे बैठी थी पर अब जब शिकायत मिल गया है और पुलिस को भी पूरे ठगी से अवगत है पर उन्हें सिर्फ इंतजार था तो शिकायत का अब पुलिस को जब दो शिकायतकर्ता मिल चुके हैं तो क्या पुलिस इस सबसे बड़े जिले के ठगों का भंडाफोड़ कर पाएगी? क्या उस एंगल में जांच करेगी जिस एंगल में पुलिस को जांच की आवश्यकता है क्योंकि भले ही शिकायतकर्ता दो है पर ठगी तो करोड़ों की हुई है इन दो शिकायतों के शिकायतकर्ता के आधार पर पुलिस चाहे तो इस बड़े घोटाले का पर्दाफस कर सकती है?
संजीत ने पिता व भाई के साथ मिलकर अपने ही शहर के व्यक्ति को 72 दिनों में रकम दोगुना का प्रलोभन दे कर ठगा
ठगने व ठगाने वाला शहर की है, एक ही नगर में रहने के कारण दोनो में काफी पहचान है तथा आवेदक के घर अनावेदकगण पिता व दोनो भाई मिलकर आते थे, बैठते थे जिस कारण काफी घनिष्ठता भी हो गया था। आवेदक को अनावेदक गण ट्रेडिंग कंपनी शेयर मार्केट में कारोबार करने को कहते थे तथा उनके द्वारा यह भी कहा जाता था कि हम लोग 72 दिनों में रकम दोगुना करके दे देते हैं। आवेदक को उनके ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने का बार-बार प्रलोभन देने लगे तथा अक्सर आकर आवेदक से अनावेदकगण तीनो मिलकर कहते थे कि हमको पैसा दो तुम जितना पैसा दोगे उसका हम 72 दिनों में दुगना करके वापस करे देगें।
बच्चों के शादी के लिये रखे गये पैसे संजीत व उसके पिता भाई ने ठगे
जिनके प्रलोभन में आवेदक आ गया एवं अपने बच्चों के शादी के लिये रखे गये एफडी से ओड़ी कराकर तथा कुछ राशि अपने साला सोयब अहमद स्दिदीकी से लेकर अपने घर में कुल 40 लाख रूपये नगद दे दिया। संजीत अग्रवाल के पिता कन्हैया लाल अग्रवाल एवं संदीप अग्रवाल के द्वारा मुझे समझाईस दी गई कि आपका पैसा सुरक्षित रहेगा हम लोग हैं, आप का पैसे हमारी जिम्मेदारी है। उसके पश्चात आवेदक अनावेदकगण को 12 मार्च 2024 में 40 लाख रूपया दे दिया उसके पश्चात अनावेदकगण माह मई में आवेदक की पुत्री अलीशा खान के आई.सी.आई.सी.आई. बैंक शाखा सूरजपुर में संचालित खाता क्रमांक 749605000402 के माध्यम से 10 लखा 50 हजार रूपये वापस कर दिये तथा कहने लगे कि आपका रकम दोगुना हो गया है। इस प्रकार आपका रकम कुल 69 लाख 50 हजार रूपये हो गया है आप 29 लाख 50 हजार रूपये और दीजिए तो आपका कुल मूलधन 1 करोड़ रूपया हो जायेगा और मई माह के 72 दिनों के बाद आपको 2 करोड़ रूपये हम लोग प्रदान करेगें तभी आवेदक को तीनो अनावेदकगण के उपर शंका होने पर कि उनके द्वारा कहीं ठगी तो नहीं किया जा रहा है, तभी आवेदक अनावेदकगणों से 69 लाख 50 हजार रूपये वापस माँगे जाने पर टाल मटोल कर समय व्यतीत करते हुये कहने लगे कि अभी उक्त राशि हम लोगों के खाता में नहीं आ पाया है। आवेदक जब अनावेदक के उक्त खाते को चेक कराया तो उसे ज्ञात हुआ कि उसके खाते में पर्याप्त राशि नहीं है तब आवेदक कई बार जाकर अनावेदक, उसके भाई एवं पिता के पास जाकर उक्त बात बताते हुये ली गई रकम वापस माँगने पर गोल मटोल जवाब देकर समय को व्यतीत करने लगे तभी आवेदक को जात हुआ कि सूरजपुर नगर छोड़कर फरार हो गया है। उसके पिता व भाई ली गई रकम वापस करने से साफ इंकार कर दिये तब आवेदक को पूर्ण विश्वास हो गया कि तीनो पिता-पुत्र मिलकर आवेदक की राशि का ठगी कर लिये हैं। हाल ही में शिवप्रसादनगर के असफाक उल्लाह पर भी ठगी के आरोप लगे है। जिसकी जांच भी पुलिस कर रही है।
ट्रेडिंग कंपनी शेयर मार्केट में 72 दिनों में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर संजीत ने प्रार्थी से ठगा 40 लाख
ठगी के एक और मामले में कोतवाली पुलिस ने पिता पुत्र समेत तीन पर अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार इम्तियाज खान ने आरोप लगाया है कि संजीत अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, कन्हैयालाल अग्रवाल ने दिनांक 12 मार्च 2024 में रकम 72 दिनों में दोगुना करने का प्रलोभन देकर 40 लाख रूपये का ठगी किया है। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। शिकायतकर्ता ने कहा शिकायत में बताया कि रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 40 लाख रूपये की ठगी मेरे से संजीत व उसके परिवार के सदस्यों किया है।
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