समय पर धान उठाव और निराकरण नहीं होने पर सहकारिता विभाग सख्त, 3 दिन में मांगा जवाब
गिरजापुर–छिंदिया–सलका खरीदी केंद्रों में लापरवाही उजागर, धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल
समय पर उठाव नहीं, अब कार्रवाई तय—तीन केंद्र प्रभारियों पर गिरी गाज
धान खरीदी में देरी पड़ी भारी, सहकारिता विभाग ने जारी किया नोटिस
लापरवाही पर प्रशासन का डंडा, धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों से जवाब मांगा
-रवि सिंह-
कोरिया 09 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में धान खरीदी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए तीन धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय में कार्य नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कोरिया जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य में अनियमितता और लापरवाही का मामला सामने आया है, सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक, बैकुंठपुर द्वारा 8 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत गिरजापुर, छिंदिया और सलका धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, दस्तावेज़ के अनुसार संबंधित प्रभारियों को शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी, उसके सुरक्षित भंडारण, समय पर उठाव और निराकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इसके बावजूद इन केंद्रों में धान का उठाव एवं निराकरण कार्य लंबित पाया गया, जो प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना मानी गई है, नोटिस के अनुसार गिरजापुर केंद्र के प्रभारी राम कुमार साहू को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि अब तक धान का उठाव और निराकरण क्यों नहीं किया गया, दूसरा नोटिस छिंदिया केंद्र के प्रभारी रवि कुमार साहू तथा तीसरा नोटिस सलका केंद्र के प्रभारी श्रीराम यादव को भी समान कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, तीन केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी होने के बाद जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों में भी हलचल तेज हो गई है, अब यह देखना अहम होगा कि संबंधित अधिकारी समय पर जवाब देते हैं या फिर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है, प्रशासन की इस पहल से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
नोटिस में क्या कहा गया- नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी केंद्रों में उपार्जित धान का समय पर उठाव और निराकरण नहीं होना गंभीर लापरवाही है, साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रभारी अपने मुख्यालय में अनुपस्थित पाए गए, जो उनके कर्तव्यों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है, प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल शेष धान का उठाव एवं निराकरण सुनिश्चित करें और अपने कृत्य के संबंध में 3 दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
कार्रवाई की चेतावनी- आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित प्रभारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
प्रशासन की सख्ती का संकेत- इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। धान खरीदी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे अन्य केंद्रों के प्रभारियों में भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है।
व्यवस्था सुधार की उम्मीद- विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, समय पर उठाव और निराकरण सुनिश्चित होने से किसानों को भी राहत मिलेगी और भंडारण संबंधी समस्याएं कम होंगी।
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