नालंदा,31 मार्च 2026। बिहार में नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। 8 महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी,जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। दर्शन करने की जल्दी में धक्का-मुक्की मच गई। अफरातफरी के बीच कई लोग भीड़ में दब गए। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है।
दर्शन की जल्दबाजी में मची भगदड़
महिला भक्तों ने बताया कि चैत्र महीने का ये आखिरी मंगलवार है। यहां मेला लगा था। भीड़ ज्यादा हो गई। मंदिर का गर्भगृह भी छोटा है। लोग जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में थे। कोई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाह रहा था। दूसरे श्रद्धालु ने बताया,‘सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। मंदिर के अंदर भारी भीड़ थी। पुलिस का जवान अंदर तैनात नहीं था। भीड़ को डायवर्ट करने या दो लाइनों में बांटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंदिर के पुजारी ही जल्दी-जल्दी दर्शन कर निकलने को कह रहे थे। इस बीच एक महिला को चक्कर आ गया, जिससे वो वहीं गिर पड़ी। कुछ लोग उसे संभालने लगे, और भीड़ को पीछे करने की कोशिश की। इस दौरान भगदड़ मच गई।’
40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
मंदिर में मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया, ‘भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश पड़ीं थीं। कुछ दर्द से चिल्ला रहीं थीं। लोगों ने पुलिस को खबर की। पहले 2-3 पुलिस वाले पहुंचे। उनके साथ मिलकर श्रद्धालुओं ने घायल महिलाओं को किनारे लिटाया। कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। घटना के करीबब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस पहुंची और पुलिस के कुछ अफसर भी आए। इसके बाद घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। महिलाओं को उठाते समय ही लग रहा था कि उनमें से कुछ की मौत हो गई है।’
मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्था नहीं की
आज चैत्र का आखिरी मंगलवार है। मघड़ा शीतला मंदिर में इस दिन हर साल भीड़ होती है, मंदिर प्रबंधन को इस बात की जानकारी थी, इसके बाद भी भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग तक नहीं की गई थी। सुबह 8 से 9 बजे के बीच भीड़ अव्यवस्थित हो गई।
चोर दरवाजे से दर्शन कराए जा रहे थे…
बढ़ती भीड़ को कंट्रोल करने की बजाए मंदिर प्रबंधन और वहां मौजूद पुजारी फायदा उठा रहे थे। वे लोगों से पैसा लेकर पीछे के दरवाजे से माता का दर्शन कराने लगे। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था, ये अपनी मनमानी कर रहे थे। इसके कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur