- होटल संचालक परेशान : चरणदास महंत
- ये सदन अधिकार क्षेत्र से बाहर : अजय चंद्राकर
रायपुर,12 मार्च 2026। विधानसभा के बजट सत्र में एलपीजी सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठते ही सदन में जोरदार हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश में सिलेंडर नहीं मिलने से लोग और होटल संचालक परेशान हैं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे सदन के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया,जिस पर पक्ष-विपक्ष में तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनहित को देखते हुए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए, लेकिन सभापति ने यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह विषय केंद्र सरकार से जुड़ा है। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए जिन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया। वहीं कार्यक्रमों के भुगतान के मुद्दे पर भाजपा विधायक लता उसेंडी ने अपनी ही सरकार को घेरा और मौखिक-लिखित आदेशों पर हुए कार्यक्रमों का भुगतान न होने का सवाल उठाया। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दस्तावेज मिलने पर जांच कर भुगतान कराने की बात कही। इस पर कवासी लखमा ने तंज कसा, जब लता उसेंडी की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो हमारी क्या होगी?
सड़क हादसों को लेकर हंगामा
इससे पहले सदन में सड़क हादसों में हो रही मौतों का मुद्दा गूंजा। अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह ने पूछा कि 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी के क्या कारण हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि अकलतरा क्षेत्र में वर्ष 2024 में 76 लोगों की मौत हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 86 हो गई। वहीं वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 14 फरवरी तक ही 13 लोगों की जान जा चुकी है। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के विस्तार, वाहनों की संख्या बढ़ने और लोगों की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होती हैं, हालांकि 2024 की तुलना में 2025 में डेथ रेशियो कम हुआ है। विधायक ने ड्रिंक एंड ड्राइव पर कार्रवाई और ट्रॉमा सेंटर की कमी का मुद्दा भी उठाया। मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां ज्यादा हादसे हो रहे हैं, वहां संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान किया जाएगा। वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का विषय गृह, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़ा है, इसलिए सभी विभागों को समन्वय से काम करना चाहिए।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के
लिए 11,762 करोड़ रुपए की अनुदान मांगें पारित…
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।
इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है। राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें 1।5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
सत्ता पक्ष ने कहा…यह
विधानसभा का विषय नहीं
स्थगन प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत और महंगाई का विषय विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती।
विपक्ष का पलटवार
चर्चा की मांग तेज
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सत्ता पक्ष के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री का बयान गैस को लेकर सदन में आ सकता है तो फिर इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा होना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा फैसला
प्रदेश में सभी ‘संलग्नीकरण’ तत्काल प्रभाव से निरस्त
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि सरगुजा में 75 से 80′ पद भरे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कई कर्मचारी ‘संलग्नीकरण’ के जरिए अपनी मूल पोस्टिंग छोड़कर शहरों में जमे हुए हैं। सदन में एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए मंत्री ने घोषणा की कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में किए गए सभी अनावश्यक संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं।
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