
23 नए उद्योग खुलेंगे,बच्चियों को डेढ़ लाख,वन-संरक्षण के लिए 930 करोड़,कर्मचारियों का कैशलेस इलाज होगा
रायपुर,24 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार का बड़ा रोडमैप सामने रखा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट संकल्प थीम पर प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट 2026-27 को जनकल्याण और विकास को समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों,महिलाओं,युवाओं और कर्मचारियों के सशक्तिकरण के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग,स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष प्रावधानों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा। सरकार ने इस वर्ष कुल व्यय 1.72 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किया है, जिसमें राजस्व व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपए रखा गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी। बजट में पूंजी निवेश के लिए केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता को 4,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 8,500 करोड़ रुपए किया गया है, जिससे बड़े बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं राजकोषीय घाटा त्रस्ष्ठक्क के 2.87 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है,जो संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है और राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत देता है। इस बार छत्तीसगढ़ के बजट में सामाजिक क्षेत्र को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए कुल व्यय का 40′ प्रावधान किया गया है, जबकि आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए 36′ और प्रशासनिक व सामान्य सेवाओं के लिए 24′ राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14,300 करोड़ रुपए का विशेष ग्रीन बजट का भी प्रावधान किया गया है। बजट में सरगुजा,बस्तर और अन्य पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को केंद्र में रखा गया है। बस्तर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाकों में दो ‘एजुकेशन सिटी’ स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो। इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी सरकार ने खास ध्यान दिया है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी, ताकि दूरस्थ इलाकों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार अपने ही क्षेत्र में मिल सके। सिंचाई क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए इंद्रावती नदी पर लगभग 2024 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण की योजना घोषित की गई है। इससे बस्तर क्षेत्र में लगभग 32 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने का अनुमान है।
मजदूर,महिला, किसान,युवा पर केंद्रित बजट

जी राम जी योजना के लिए 4000 करोड़ का प्रावधान। युवाओं के लिए कुल 1,097 करोड़ का प्रावधान। तेंदुपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना के लिए 60 करोड़ का प्रावधान। गन्ना किसानों को बोनस के लिए 60 करोड़ का बजट प्रावधान।छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान। महिलाओं के नाम पर भूमि,भवन,अचल संपत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क पर मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट। 6500 करोड़ के प्रावधान से हर जरूरतमंद तक खाद्य सुरक्षा पहुंचेगी। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष 100 करोड़ का बजट प्रावधान।
अधोसंरचना और विकास के लिए ऐलान
आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। रायपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 200 सीट का छात्रावास बनेगा,साथ ही बस्तर को शिक्षा का केंद्र बनाने पर जोर है। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बस्तर-सरगुजा विकास के लिए बड़े प्रावधान हैं,जिसमें मटनार और देवरगांव बैराज निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री एआई मिशन, पर्यटन विकास मिशन,खेल उत्कर्ष मिशन,अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप मिशन भी शुरू किए जाएंगे।
नए औद्योगिक पार्कों का ऐलान
बजट में 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है,जिसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औद्योगिक विकास मद में 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
महिलाओं को पंजीयन शुल्क
में छूट,बालिकाओं को 1.5 लाख
छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी,जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसक साथ ही ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ लागू की जाएगी,वहीं उनके सामाजिक सशक्तिकरण के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना

बजट में शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को उपचार के दौरान अस्पताल में नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
5 नालंदा लाइब्रेरी के
लिए 22 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना लागू होगी 200 करोड़ बजट का प्रावधान शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के माध्यम से सरकार और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रू तक की इलाज के लिए डेढ़ हजार करोड़ का प्रावधान ।
बच्चियों को 18 साल पूरे
होने पर डेढ़ लाख मिलेंगे
रानी दुर्गावती योजना का ऐलान, बच्चियों के 18 साल पूरे होने पर डेढ़ लाख रू की राशि दी जाएगी। शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान योजना के माध्यम से सरकार और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रू तक की इलाज के लिए डेढ़ हजार करोड़ का प्रावधान ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27
के बजट को बताया ‘संकल्प से सिद्धि’ का रोडमैप
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अंत्योदय और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ और दूसरा बजट ‘गति’ की थीम पर आधारित था, जबकि इस वर्ष का बजट ‘संकल्प’ की भावना को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस बजट में समावेशी विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, निवेश संवर्धन, कुशल मानव संसाधन निर्माण, लाइवलीहुड, अंत्योदय तथा ‘पॉलिसी से परिणाम’ तक की स्पष्ट रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। यह बजट यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार मिशन मोड में कार्य करने के लिए पांच मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ कर रही है, जिनमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन तथा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इन मिशनों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा, नई धार और नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा के लिए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रावधान किया गया है, जो सर्वाधिक है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा हेतु भी बजट में प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नवीन औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना में 200 करोड़ रुपए तथा भूमि विकास बैंक के लिए भी 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए 13 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त करने की व्यवस्था जारी रहेगी और इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में खाद्य, कृषि और उससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बकरी पालन, सूअर पालन और मधुमक्खी पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज निर्माण के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे बस्तर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी उन्मूलन में बस्तर फाइटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए बस्तर फाइटर्स में 1500 नई भर्तियों का प्रावधान किया गया है। पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनमें कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन, जगदलपुर-अंबिकापुर हवाई सेवाओं का विस्तार, अंदरूनी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बस सेवा तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक्स के आयोजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने हेतु व्यापम की दक्षता बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही युवाओं के शैक्षणिक भ्रमण के लिए छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना प्रारंभ की जाएगी तथा लखपति दीदियों के भ्रमण कार्यक्रम के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बजट को प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह बजट प्रदेश को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा…‘ज्ञान’ और ‘गति’ के ‘संकल्प’
से विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता ऐतिहासिक बजट

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में दूरदर्शी, संतुलित और विकासोन्मुख बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त कार्ययोजना है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 5 करोड़ रुपये से अधिक और गृह विभाग के लिए 8,380 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। शिक्षा, कौशल विकास, अधोसंरचना, निवेश, अंत्योदय, आजीविका और कुशल मानव संसाधन निर्माण पर केंद्रित यह बजट सर्वस्पर्शी विकास का प्रतीक है। आवासहीनों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एवं विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 4-4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य की संवेदनशील और प्रतिबद्ध सरकार का प्रमाण है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद के प्रभाव से उबरते बस्तर में अब विकास की नई धारा बहेगी। 1500 बस्तर फाइटरों की भर्ती स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली एजुकेशन सिटी क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगी। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण और 200 करोड़ रुपए के आवास निर्माण के लिए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान जनजातीय अंचलों के समग्र उत्थान का मार्ग प्रशस्त करेगा। सीजी एसीई योजना के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान कर राज्य सरकार ने नीट, जेईई, क्लैट, यूपीएससी, सीजीपीएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मजबूत आधार दिया है। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को रेंटल आवास सुविधा के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर, बिलासपुर,दुर्ग सहित कवर्धा, रायगढ़,जशपुर और जगदलपुर में नए सीजीआईटी संस्थानों के लिए 38 करोड़ रुपये और 36 सीजी इनोवेशन केंद्र एवं एसटीपीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊर्जा देगा।
वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 150 से अधिक नई सड़कों के लिए 475 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगा। बजट में बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, सक्ती और बलरामपुर में 5 नए साइबर थानों की स्थापना, 15 नए पुलिस थानों का गठन और 25 थानों के नवीन भवन निर्माण का प्रावधान राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का संकेत है। महिला अपराधों की रोकथाम हेतु महिला थानों की संख्या बढ़ाकर 10 करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अपराध विवेचना को वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाने के लिए सीन ऑफ क्राइम यूनिट के लिए 3.50 करोड़ रुपये का प्रावधान पुलिस तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से एआई टैलेंट विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक एआई मानचित्र पर स्थापित करेगा. मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं निपुण (हृढ्ढक्कहृ) मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खोलेगा. बवरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में ‘सियान गुड़ी’ को वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो समाज के विकास में एक बेहतर कदम है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान करेगा और ग्रामीण-शहरी संतुलन के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा.
बजट में कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधान
सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता और कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, वहीं भूमिहीन कृषि परिवारों के समर्थन के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योग, एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग, राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
बजट में इस बार
दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट के दौरान कहा कि डेयरी समग्र विकास योजना के अंतर्गत 90 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समावेशी, सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी और सर्वहितकारी विकास की दिशा में सुशासन सरकार का सशक्त कदम है। हर वर्ग के लिए नए अवसरों का सृजन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और बजट प्रावधानों के माध्यम से हर स्तर पर विकास कार्य किया गया है।
पर्यटन से विकास को मिलेगी गति

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश करते हुए कहा कि इस बार के बजट में मैनपाट के पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट
पांच प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी उत्पादों का शोरूम खोलने की भी घोषणा की गई है।
लड़कियों के लिए बड़ा ऐलान
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की लड़कियों के लिए भी बजट में बड़ा ऐलान किया है। 18 साल पूरे होने पर बच्चियों को डेढ़ लाख रुपए की राशि देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना को रानी दुर्गावती योजना नाम दिया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बजट में इस बार सरकार ने बड़ी राशि का प्रावधान किया है। 22 हजार करोड़ की राशि स्कूल शिक्षा विभाग के लिए खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत अलग-अलग जिलों में प्राइमरी और हाई स्कूलों का निर्माण किया जाएगा।
बैराज निर्माण
वहीं बस्तर के लिए एक और बड़ा ऐलान किया गया है। जहां बस्तर में इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज के निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बैराज निर्माण भी अहम माना जा रहा है।
नए मेडिकल कॉलेज
बजट में छत्तीसगढ़ में 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान भी किया गया है। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि दंतेवाड़ा,मनेंद्रगढ़,कबीरधाम,जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रायपुर के कालीबाड़ी में 200 बिस्तरों वाला एमसीएच तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
– 50 लाख रुपए तक के विकास कार्य ग्राम सभा के माध्यम से कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय और क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलेगा।
– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1700 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिससे ग्रामीण सड़कों का विस्तार और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
– मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट, जिससे राज्य में सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाया जाएगा।
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