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रायपुर@शराब घोटाला…एक साल बाद रिहा हुए पूर्व मंत्री कवासी लखमा

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पत्नी बोलीं…अब अच्छा लग रहा,कार्यकर्ताओं संग गाड़ी पर सवार होकर निकले, सड़क पर लगा लंबा जाम

रायपुर,04 फरवरी 2026। 379 दिन बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए हैं। लखमा के जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं-नेताओं ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले। फिर लखमा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कवासी गाड़ी पर सवार होकर निकले। गाड़ी में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी सवार रहे। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया।
जेल से निकलकर वे अपने आवास के लिए रवाना हुए। इस बीच कवासी लखमा की पत्नी बुधरी ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि पति की रिहाई कब होगी सोच-सोच कर वे दुबली-पतली हो गईं। खाना-पीना कम हो गया था। आज अच्छा लग रहा है। दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा से जुड़े मामलों में उनकी अंतरिम जमानत मंजूर की गई है। हालांकि, जमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा। ईडी ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसके बाद से ही कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि कवासी लखमा आज जमानत पर रिहा हुए। ना दीपक बैज, ना भूपेश बघेल, न चरणदास महंत, ना टीएस बाबा कोई जेल रिसीव करने नहीं पहुंचा। हर किसी का जलवा बिट्टू जी जैसा कहां?
आने वाले समय में दूध का दूध और पानी का पानी होगा : लखमा
कवासी लखमा ने कहा… कि एक साल 20 दिन बाद जेल से बाहर आने का मौका मिला है। इसके लिए मैं सबसे पहले देश की न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट को बधाई देता हूं। मैं एक गरीब आदिवासी हूं,बस्तर की आवाज हूं और बस्तर के जल-जंगल-जमीन के मुद्दे उठाता रहा हूं। मैं करीब 100 दिन जेल में रहा, इसलिए न्याय व्यवस्था पर मेरा भरोसा और मजबूत हुआ है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज,चरणदास महंत,टीएस सिंहदेव और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद करता हूं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में दूध का दूध और पानी का पानी होगा। जेल में रहते हुए मैंने देखा कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने टीवी और अखबारों में खुले तौर पर मेरे समर्थन में बयान दिया। इसके लिए मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं मैं जब तक रहूंगा,बस्तर के जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ता रहूंगा। मैं डॉ. रमन सिंह से भी मुलाकात करूंगा और उनसे आग्रह करूंगा कि मुझे विधानसभा में अपनी बात रखने का मौका दिया जाए,ताकि मैं आदिवासियों और उनके अधिकारों की आवाज मजबूती से उठा सकूं।


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