- जनसमस्याओं को लेकर सोनहत में ऐतिहासिक जनसभा
- सोनहत में गूंजी ‘हुंकार’ जनसमस्याओं को लेकर उमड़ा जनसैलाब…एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
- जनअधिकारों के लिए सोनहत में ऐतिहासिक हुंकार,कोरिया जन सहयोग समिति ने खोला मोर्चा
- सोनहत में विकास की मांगों को लेकर विशाल जनसभा,प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
- जब जनता खुद बनी आवाजः सोनहत में गैर-राजनीतिक मंच से गूंजी ‘हुंकार’
- बिजली,सड़क,नेटवर्क,वन अधिकार और मितानिन मानदेय को लेकर सैकड़ों ग्रामीण हुए एकजुट…
- राजनीति से अलग जनता की हुंकार, सोनहत की सड़कों पर गूंजे अधिकारों के नारे…
- हक की लड़ाई में एकजुट सोनहत,प्रशासन को झुकाने उतरा जनसैलाब…



-राजन पाण्डेय-
बैकुंठपुर,28 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। सोनहत क्षेत्र वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी, प्रशासनिक उपेक्षा और लंबित जनहित मांगों की मार झेलता आ रहा है। बिजली,सड़क, नेटवर्क,स्वास्थ्य,शिक्षा,वन अधिकार और राजस्व संबंधी समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर बुधवार को कोरिया जन सहयोग समिति के नेतृत्व में सोनहत में ऐतिहासिक जनसभा आयोजित की गई,जिसे नाम दिया गया—‘हुंकार ‘। इस विशाल जनसभा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण,महिलाएं,युवा,मितानिन संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता,अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे, जनसभा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से प्रशासन को सौंपा गया,जिसमें क्षेत्र की लगभग हर गंभीर समस्या को बिंदुवार रखा गया, सभा स्थल पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार सोनहत संजय राठौर पहुंचे,जिन्होंने ज्ञापन प्राप्त कर कई समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया तथा शेष मांगों को शासन स्तर तक भेजने की बात कही,सोनहत में उठी यह ‘हुंकार’अब केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज बन चुकी है। जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कागजी विकास नहीं,धरातल पर परिणाम चाहिए। यदि प्रशासन द्वारा मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जनांदोलन और व्यापक रूप लेने से पीछे नहीं हटेगा,यह हुंकार अब सोनहत की पहचान बन चुकी है। अधिकार,सम्मान और विकास की लड़ाई की पहचान, कार्यक्रम में अधिवक्ता जयचन्द सोनपाकर अधिवक्ता राजा अली अंसारी अधिवक्ता अरविंद सोनी, अधिवक्ता संजय साहू अधिवक्ता अवध यादव, छ0 ग0 श्रम जीवी पत्रकार कल्याण संघ के प्रदेश कार्यकारी कृष्णा सिंह बाबा,सम्पादक सम्वर्त कुमार रुप,पुष्पेंद्र राजवाड़े, समय लाल कमलवंशी,उपाध्यक्ष राजू साहू जय प्रकाश राजवाड़े,महा सचिव राज कुमार साहू सचिव उदय राज सिंह,सरपंच मेण्ड्रा कबीर दास , सोनमति साहू मितानिन संगठन,सुन्दरकली तिर्की,कौशिल्या राजवाड़े,प्रफुल पाण्डेय, बालकरन शब्बीर मोमिन मोहन यादव सहित कई लोग उपस्थित रहे।
डिजिटल भारत से कटे गांव : नेटवर्क बना बड़ी चुनौती
डिजिटल युग में भी रामगढ़ और मेण्ड्रा क्षेत्र के ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क से वंचित हैं, विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई, किसानों की ई-सेवाएं,बैंकिंग और आपात सेवाएं तक बाधित रहती हैं,जनसभा में मांग रखी गई कि रामगढ़ क्षेत्र की सभी पंचायतों में सुचारू नेटवर्क व्यवस्था हो, ग्राम पंचायत मेण्ड्रा में स्थायी मोबाइल टावर लगाया जाए ग्रामीणों ने इसे डिजिटल भेदभाव करार दिया।
सड़कों की बदहाली : विकास की सबसे बड़ी बाधा…प्रमुख मांगें इस प्रकार रही…
रामगढ़-कोटाडोल 27 किमी पक्की सड़क का तत्काल निर्माण
मेण्ड्रा से रजपुरी-भलुवार-परिहत होते हुए अमहर तक सड़क
नावटोला से देवतिडांड एवं हर्रा डीह तक पक्की सड़क
बदरा-बंशीपुर डब्ल्यूबीएम सड़क कार्य प्रारंभ
सोनहत जनपद से हाउसिंग बोर्ड,फॉरेस्ट चौक से तहसील कार्यालय तक जर्जर सड़क मरम्मत
मजार चौक से उरांव पारा स्कूल व भारत स्कूल से नवीन कॉलेज तक पक्की सड़क इसके अलावा गिधेर एवं सेमरिया में वर्षों से टूटे पुलों के पुनर्निर्माण की भी मांग की गई।
जनसभा में उमड़ा जनसैलाब,बनी ऐतिहासिक मिसाल…
बुधवार को सोनहत का दृश्य सामान्य नहीं था,दूर-दराज के गांवों से ग्रामीण पैदल,मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों से सभा स्थल तक पहुंचे,ग्रामीणों की भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं,बल्कि आम जनता के दर्द की सामूहिक अभिव्यक्ति है, क्षेत्र के बुजुर्गों और जानकारों का कहना है कि गैर-राजनीतिक मंच पर सोनहत में इतनी बड़ी भीड़ पहली बार देखी गई,जो यह दर्शाती है कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहती है।
अंधेरे के खिलाफ संघर्ष : अधूरा विद्युतीकरण बना बड़ी समस्या…
ग्रामीणों ने बताया कि नावटोला,कचोहर,चंदहा सहित कई गांवों में वर्षों पहले विद्युतीकरण कार्य शुरू तो हुआ,लेकिन आज तक पूर्ण नहीं हो सका। कई मोहल्लों में खंभे लगे हैं,पर तार नहीं,कहीं ट्रांसफार्मर नहीं तो कहीं कनेक्शन अधूरा है,समिति ने मांग की कि नावटोला, कचोहर, चंदहा में तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू की जाए,कछाड़ी से जोगिया तक बिजली विस्तार किया जाए, रावतसराई,बेलार्ड,पत्थरगवां,रजपुरी,भलुवार व परिहत क्षेत्रों में पूर्ण विद्युतीकरण हो,साथ ही सोनहत,सलगवां,कैलाशपुर और कुशमाहा में वर्षों से खराब पड़ी रोड लाइटों को हटाकर नई स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग उठाई गई।
सामाजिक न्याय की मांग : पंडो जनजाति और राजस्व ग्राम का मुद्दा…
जनसभा में पंडो जनजाति के जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा विशेष रूप से गूंजा,वक्ताओं ने कहा कि प्रमाण पत्र के अभाव में पंडो समाज के लोग शासन की योजनाओं से वंचित हैं,मांग की गई कि ग्राम सभा प्रस्ताव के आधार पर विशेष शिविर लगाकर जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाएं, नक्शे से छूटे लोलकी गांव और सोनहत के उरांव पारा को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए,ताकि लोगों को पट्टा,आवास और सरकारी लाभ मिल सके।
वन अधिकार पट्टा : अतिक्रमण के नाम पर अन्याय बंद हो…
समिति ने स्पष्ट मांग रखी कि पात्रता सूची में दर्ज हितग्राहियों को तत्काल वन अधिकार पट्टा प्रदान किया जाए, जिनका नाम सूची में है, उनके घरों को अतिक्रमण बताकर न गिराया जाए,वक्ताओं ने इसे आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
मितानिन बहनों की पीड़ा बनी आंदोलन का केंद्र…
स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मितानिन बहनों का वर्षों से लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि अब भी भुगतान के इंतजार में है,मांगें रखी गईं मितानिनों एवं ब्लॉक-जिला स्तर के पदस्थ कर्मियों का लंबित भुगतान, सोनहत में निर्मित मितानिन भवन को तत्काल हैंडओवर किया जाए, महिला संगठनों ने कहा कि सम्मान और समय पर भुगतान के बिना स्वास्थ्य सेवा मजबूत नहीं हो सकती।
शिक्षा, खेल और रोजगार पर भी जोर…
समिति ने रजपुरी में प्राथमिक शाला,उरांव पारा में आंगनबाड़ी केंद्र, सोनहत,सलगवां,कैलाशपुर, रामगढ़ व भैसवार में अधूरे मिनी स्टेडियम पूर्ण करने, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार बढ़ाने की मांग रखी।
नेताओं और समाजसेवियों के तीखे बयान
पुष्पेंद्र राजवाड़े (अध्यक्ष) ने कहा…‘हुंकार केवल ज्ञापन नहीं, बल्कि व्यवस्था को जगाने की चेतावनी है। अब अधिकार लेकर ही लौटेंगे।
अधिवक्ता जयचंद सोनपाकर बोले…‘नक्शे से बाहर गांव लोकतंत्र पर प्रश्न हैं। जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। ‘
रजा अली अंसारी ने कहा…‘जाति प्रमाण पत्र और वन अधिकार में देरी संवैधानिक अधिकारों का हनन है। ‘
कृष्णा सिंह बाबा ने कहा…‘मितानिन बहनों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं होगा। ‘
एस.के. रूप (संपादक) ने स्पष्ट किया…‘यदि पंडो जाति प्रमाण पत्र नहीं बने तो मामला उच्च न्यायालय तक जाएगा।’
राजन पाण्डेय (संरक्षक) ने कहा…‘यह हुंकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय दिलाने का संकल्प है।’
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