शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान — जिला कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
प्रयागराज माघ मेले में संत पर प्रतिबंध,कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
40 वर्षों की परंपरा टूटी, शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने पर कांग्रेस का आक्रोश
सूरजपुर,22 जनवरी 2026(घटती-घटना)। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को शाही स्नान से रोके जाने एवं उनके साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है,जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सनातन परंपरा पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि स्वयं को हिंदुओं का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू संतों के अपमान पर उतर आई है। हालात इतने गंभीर हैं कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर भय की स्थिति बनी हुई है और वे पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठने को विवश हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनसे संवाद का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया।
समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार,बाल पकड़कर घसीटने के आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों एवं समर्थकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया,उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया,धक्का-मुक्की की गई और शंकराचार्य को उनकी पालकी तक ले जाने की अनुमति तक नहीं दी गई,उन्होंने सवाल उठाया कि जब धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सत्ता में है,तो फिर संतों और साधुओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
सनातन परंपरा पर सीधा हमला
शशि सिंह ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से लगातार शाही स्नान करते आ रहे हैं, यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है, उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान सदियों पुरानी सनातन परंपरा है,जिसे न तो मुगल शासकों ने रोका और न ही अंग्रेजों ने, लेकिन आज भाजपा सरकार ने इस परंपरा को तोड़ने का दुस्साहस किया है,उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को शाही स्नान से रोकना केवल एक संत का नहीं बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है।
सुरक्षा में दोहरा मापदंड : कांग्रेस
शशि सिंह ने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान की जाती है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य के अनुयायियों पर लाठीचार्ज और मारपीट की जाती है,उन्होंने तीखा सवाल करते हुए कहा क्या अब मोहन भागवत, शंकराचार्य से भी बड़े हो गए हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संतों में भी पसंद-नापसंद की राजनीति कर रही है।
सरकार की आलोचना करना बना अपराध
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपराध केवल इतना है कि वे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, अयोध्या में आधे-अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं,महाकुंभ की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हैं,कोविड काल में गंगा में बहती लाशों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सच बोलते हैं, इसी कारण भाजपा सरकार उन्हें दबाने और अपमानित करने पर आमादा है।
हिंदुत्व के नाम पर ढोंग कर रही भाजपा : कांग्रेस
शशि सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहते हुए हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन जब वास्तविक सनातन परंपरा और संत समाज के सम्मान की बात आती है, तब उसका असली चेहरा सामने आ जाता है, उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा का हिंदुत्व केवल चुनावी मंचों और भाषणों तक सीमित है, जबकि धरातल पर संत, परंपरा और आस्था का अपमान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने की न्याय की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर ने मांग की है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से तत्काल संवाद किया जाए, उनके सम्मान और सुरक्षा की गारंटी दी जाए, शाही स्नान जैसी परंपरा में किसी भी प्रकार की बाधा समाप्त की जाए, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र संज्ञान नहीं लिया तो यह मुद्दा देशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है, जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट कहा कि शंकराचार्य का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सनातन धर्म और भारत की आत्मा का अपमान है।
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