Breaking News

अम्बिकापुर@अंबिकापुर सट्टा किंग दीप सिन्हा के घर छापेमारी…बेनामी संपत्ति और नकदी बरामद

Share

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध सट्टेबाजी के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में सरगुजा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के कथित ‘सट्टा किंग’ दीप सिन्हा की दो दिनों की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है, लेकिन इन 48 घंटों में पुलिस ने सट्टे के इस काले साम्राज्य की कई परतें खोल दी हैं। रिमांड के दौरान हुई गहन पूछताछ में दीप सिन्हा ने अपने नेटवर्क और सट्टेबाजी के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। पुलिस इस समय सट्टे के उस डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक कर रही है, जिसके जरिए करोड़ों रुपयों का हेरफेर किया गया था।
ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस
शनिवार को पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी दीप सिन्हा को लेकर सत्तीपारा स्थित उसके आलीशान आवास पर पहुँची। पुलिस के आने की भनक लगते ही घर के सभी सदस्य ताला लगाकर पहले ही फरार हो चुके थे। कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद, पुलिस ने घर का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। घंटों चली इस सघन तलाशी अभियान के दौरान घर के कोने-कोने को खंगाला गया। पुलिस को शक था कि सट्टे की अवैध कमाई से जुड़े सबूत और नकदी घर के भीतर छिपाई गई हो सकती है।
पुणे एयरपोर्ट से हुई थी नाटकीय गिरफ्तारी : बता दें कि दीप सिन्हा की गिरफ्तारी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। चार दिन पहले पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर उसे पुणे एयरपोर्ट के बाहर से घेराबंदी कर दबोचा था। दीप सिन्हा केवल अंबिकापुर ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर क्रिकेट सट्टे का कारोबार संचालित कर रहा था। वह आधुनिक ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए सट्टे का अवैध बाजार चलाता था। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के बेनामी लेन-देन के प्रमाण मिले हैं, जो संकेत देते हैं कि इस नेटवर्क में कई बड़े सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं।
फिर से रिमांड मांगने की तैयारी में जुटी पुलिस : दीप सिन्हा की मौजूदा रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस उसे पुनः न्यायालय में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मिले नए सुरागों और बरामद दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पुलिस अदालत से दीप की रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी केवल एक छोटे हिस्से का पर्दाफाश हुआ है, सट्टे की इस चैन में कई बुकी और एजेंट अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। अंबिकापुर पुलिस अब इन फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बेनामी संपत्तियों का लगा अंबार,करोड़ों के निवेश के मिले पुख्ता दस्तावेज
तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ जैकपॉट लगा है। दीप सिन्हा के घर से भारी मात्रा में नकदी के अलावा जमीन-जायदाद से जुड़े कई संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि दीप सिन्हा ने क्रिकेट सट्टे से होने वाली काली कमाई को रियल एस्टेट और बेनामी संपत्तियों में निवेश किया था। जब्त किए गए दस्तावेजों में कई ऐसी जमीनों के कागजात हैं, जो दीप के करीबियों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए थे। पुलिस अब इन बेनामी संपत्तियों को अटैच करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
सट्टा प्रकरण में फरार आरोपी
को मदद,दो पर अपराध दर्ज

थाना कोतवाली पुलिस ने जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं आईटी एक्ट से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान फरार आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा के मोबाइल से मिले वाट्सएप चैट और फोन-पे ट्रांजैक्शन के आधार पर उसके साले संतोष कश्यप एवं मोन्टी सोनी उर्फ मुरलीधर सोनी के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आयुष सिन्हा के मोबाइल में उपलब्ध वाट्सऐप चैट से यह सामने आया कि संतोष कश्यप और मोन्टी सोनी लगातार उसके संपर्क में थे। दोनों ने फोन-पे के माध्यम से 50-50 हजार रुपये एटीएम के जरिए फरार आरोपी आयुष सिन्हा के खाते में जमा कराए। जांच में यह भी पाया गया कि आयुष सिन्हा ऑनलाइन सट्टा प्रकरण में मुख्य आरोपी है और फरार चल रहा है। इसके बावजूद संतोष कश्यप ने 17 नवंबर 2025 को आयुष सिन्हा के खाते में 2 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए। पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए शासन की ओर से विवेचना कर रहे निरीक्षक शशिकांत की रिपोर्ट पर संतोष कश्यप एवं मोन्टी सोनी के विरुद्ध फरार आरोपी को छिपाने, संश्रय देने और लगातार मदद करने के आरोप में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण एक बार फिर ठंड की वापसी

Share -संवाददाता-अम्बिकापुर,22 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर …

Leave a Reply