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रायपुर@रायपुर डीईओ बोले…आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट लग रही

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हादसे की आशंका थी,बावजूद नई-बिल्डिंग को नहीं मिली मंजूरी
रायपुर,20 जनवरी 2026। रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस के स्टोर रूम में शनिवार रात आग लग गई। इस आग में 26 साल का पूरा रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। इसमें छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, अनुकम्पा नियुक्ति, स्थापना, स्कूलों की मान्यता और अनुदान से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे। आग लगने के दो दिन बाद भी व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ पाई है। ऑफिस के लोग अंधेरे में काम कर रहे हैं। हालांकि ये जरूर है कि ऑफिस में काम हो रहा है। 3 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय टीम आग लगने की वजह तलाशने में जुट गई है। शुरुआती तौर पर इस मामले को साजिश नहीं हादसे के तौर पर देखा जा रहा है। संभावना है कि रिपोर्ट में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट ही बताई जाए। डीईओ हिमांशु भारती का कहना है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट ही लग रहा है। इन सबके बीच जो बड़ी लापरवाही दिखी वो ये कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को पहले से हादसे की आशंका थी। कई बार इस 100 साल पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत कराई जा चुकी थी। इस पुरानी बिल्डिंग की जगह नई बिल्डिंग का प्रस्ताव बनाकर भी डीईओ ऑफिस की ओर से शिक्षा विभाग को भेजा गया था। लेकिन विभाग ने अब तक इसे मंजूर नहीं किया। अब जब आग में जलकर सबकुछ खाक हो गया है तो इसकी फाइल आगे बढ़ाने की बात चल रही है। वहीं पुलिस ने आगजनी के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया है। शासन के निर्देश पर 3 सदस्यीय जांच समिति भी बनाई गई है। यह कमेटी 5 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
रिकवरी का काम शुरू, 2008 के बाद का मिल पाएगा डेटा : रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने बताया कि पहली नजर में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट ही लग रहा है। जो डेटा जला है, उन्हें रिकवर किया जा रहा है। छात्रवृत्ति,मध्यान्ह भोजन जैसी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हैं, ये आसानी से रिकवर हो जाएंगी। हालांकि, पूरा डेटा रिकवर हो पाना संभव नहीं है, क्योंकि साल 2008 के बाद की फाइलों का ही मोटे तौर पर डिजिटलाइजेशन काम शुरू था। डीईओ का कहना है कि इससे पहले की फाइलें उपयोग में नहीं थी,या बेहद कम ही उपयोग हुआ करती थी। ऐसे में ये कागज अभी के दिनों में बहुत ज्यादा उपयोगी नहीं थे।
23 आलमारियां,कई कम्प्यूटर जले
डीईओ ने बताया हादसे में छात्रवृत्ति,मध्यान्ह भोजन, अनुकम्पा नियुक्ति,स्थापना, स्कूलों की मान्यता और अनुदान से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। आग में 23 आलमारियों में रखे करीब 150 बस्ते जलकर राख हो गए। आगजनी में इंस्पायर अवॉर्ड, विधि कक्ष, वित्त, बजट, अनुदान और मदरसे से जुड़े रिकॉर्ड भी नष्ट हो गए। स्टॉक पंजी जल जाने के कारण यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि स्टोर रूम में कुल कितना और किस प्रकार का सामान रखा गया था।


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