नई दिल्ली,20 जनवरी 2026। चुनाव आयोग ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(एसआईआर) प्रक्रिया में जिनके नाम कटे हैं,अभी तक किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। एसआईआर की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे किसी एक मामले के तथ्यों को उठाकर उन्हें किसी दूसरे राज्य की एसआईआर प्रक्रिया पर लागू करना गलत होगा,क्योंकि हर जगह प्रक्रिया अलग रही है। आयोग ने जबरदस्ती या अत्यधिक जांच के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर पुलिस शामिल नहीं थी। केवल बीएलओ ने ही घर घर जाकर प्रक्रिया पूरी की है। एसआईआर का आदेश एक सामान्य आदेश है,जो देशभर में लागू होता है, केवल असम इससे अलग है। एसआईआर में सिद्धांतों और दस्तावेजों का पूरा ढांचा पहले से तय किया गया है। मतदाता सूची की तैयारी और संशोधन से जुड़े कानूनी प्रावधान पहले से मौजूद हैं। संविधान के अनुच्छेद 324 से 326 और 1950 के कानून की धारा 19 मिलकर यह जिम्मेदारी तय करते हैं कि केवल भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए। एसआईआर इस धारणा पर आधारित नहीं है कि हर मतदाता से दस्तावेज मांगे जाएंगे।
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