उन्नाव,19 जनवरी 2026। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को रेपिस्ट कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। उसे उन्नाव रेप पीडि़त के पिता की पुलिस हिरासत में मौत मामले में ट्रायल कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की हिरासत में मौत के मामले में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर और पांच अन्य लोगों को भी 10 साल की जेल की सजा दी गई थी। इसी फैसले के खिलाफ सेंगर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सेंगर ने दलील दी थी कि वह इस केस में करीब 9 साल जेल में रह चुका है और अब सिर्फ 11 महीने की सजा बाकी है। पीडि़त की ओर से वकील महमूद प्राचा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि सेंगर को जमानत मिलने से पीडि़त और उसके परिवार को खतरा है। इससे पहले 23 दिसंबर को उम्रकैद की सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल दे दी थी। इसका विरोध हुआ था, पीडि़त परिवार और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए थे। दिल्ली हाईकोर्ट के सामने धरना दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। उन्नाव रेप पीडि़त के पिता को 2018 में हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल में उनकी हालत बिगड़ गई थी और बाद में उनकी मौत हो गई थी। पीडि़त के परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है।
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