छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन और शासकीय प्रयोग पर हुआ मंथन
सूरजपुर,18 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार, विकास एवं शासकीय कार्यों में उसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का नौवां प्रांतीय सम्मेलन 10 एवं 11 जनवरी 2026 को सिम्स सभागृह में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, इस दो दिवसीय सम्मेलन को छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों का महाकुंभ कहा गया, जिसमें प्रदेशभर से भाषा-प्रेमी, साहित्यकार, शिक्षाविद एवं शोधकर्ता शामिल हुए।
सूरजपुर जिले से प्रतिभागी साहित्यकार-शिक्षक डॉ. मिथिलेश पाठक ने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा के चलन, उसके व्यवस्थित विकास तथा शासन-प्रशासन में प्रयोग को सशक्त बनाने हेतु इस आयोग का गठन किया गया है, सम्मेलन का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेशवासियों को चाहिए कि वे दैनिक जीवन में अधिक से अधिक छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रयोग करें, जिससे यह भाषा और अधिक समृद्ध एवं संवर्धित हो सके, कार्यक्रम के दौरान राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 13 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन में आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, वर्तमान सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार तथा प्रख्यात भाषा-विद डॉ. बिहारी लाल साहू ने छत्तीसगढ़ी भाषा की व्याकरणिक संरचना, वैज्ञानिकता, लोक साहित्य, सांस्कृतिक परंपराओं एवं इसकी विभिन्न बोलियों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए, उल्लेखनीय है कि डॉ. मिथिलेश पाठक संस्कृत सहित छत्तीसगढ़ी भाषा में स्नातकोत्तर हैं तथा आकाशवाणी अंबिकापुर में आकस्मिक उद्घोषक के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं, इसके साथ ही वे छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी एवं गोंडी जैसी भाषाओं और बोलियों पर द्विभाषीय बाल कहानियों के पॉडकास्ट तैयार करने का कार्य राज्य समग्र शिक्षा रायपुर के लिए कर रहे हैं, जिले से प्रतिभागी एवं जिला समन्वयक डॉ. मोहनलाल साहू तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता अजय कुमार चतुर्वेदी ने भी डॉ. मिथिलेश पाठक को इस उपलब्धि हेतु शुभकामनाएँ दीं, यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा को शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं शासकीय स्तर पर नई दिशा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur