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रायपुर@छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का 50वां अधिवेशन : स्वर्ण समागम में गूंजा सेवा और समर्पण का स्वर

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जहां समाज गंगा,वहीं सबसे बड़ी गंगा : डिप्टी सीएम विजय शर्मा
रायपुर,18 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय समिति ने रविवार को 50वें वार्षिक अधिवेशन (स्वर्ण समागम) का आयोजन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ के लगभग 22 जिलों की इकाइयों के 5000 सदस्य सम्मिलित हुए. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,दुर्ग के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल भी शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की पत्रिका मंगल माधुरी और वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक वेब पोर्टल की पत्रकार तृषा अग्रवाल को अग्र विभूति सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, समाज गंगा जहां विराजित हो वहां सबसे बड़ी समाज गंगा ही होती है। समाज ही सब कुछ होता है। समाज ही सब कुछ देने और व्यवस्थित करने वाली इकाई ही हमारे बीच होती है। छत्तीसगढ़ की उन्नति एवं प्रगति के लिए और अपने क्षेत्र के विकास के लिए जिस समाज ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है, जिस समाज में दहेज नाम की कोई चीज नहीं होती,ऐसे समाज के सभी वरिष्ठ जनों और माता बहनों का हृदय से स्वागत करता हूं।
अग्रवाल समाज की जमीन पर बनी है ये संस्थान : डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा…मुझे जानकारी मिली थी कि एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी आप लोगों की जमीन पर बनी है। छत्तीसगढ़ को जो सबसे बड़ा हॉस्पिटल काफी समय पहले मिला था वह भी हम डीकेएस के नाम से जानते थे। हम बाद में जाने की डीकेएस क्या है,यह दाऊ कल्याण सिंह के नाम पर है और उन्होंने ही यह जमीन दी है और वह भवन भी बनवाया था। यह ऐसा दानवीर समाज है। इसके अलावा अनेक और भी स्थान है,जैसे एम्स वह भी आपकी जमीन पर बनी हुई है। दूधाधारी मठ है वह भी आपकी जमीन पर समाज के ताकत के माध्यम से बना हुआ है। जैतूसाव मठ जो है वह भी समाज की दानवीर से ही बना है। मैं ऐसे समाज का हृदय से अभिनंदन और स्वागत करता हूं।
अधिवेशन में इन तीन विषयों पर हुई चर्चा : अधिवेशन में चर्चा के लिए कुल तीन विषय रखे गए थे,जिसमें पहला विषय था एक बच्चा और पालिए भविष्य की योजनाएं बनानी पड़ेगी। दूसरा विषय था कि हम व्यापार तो करते हैं लेकिन आपस में व्यापार कैसे करें। इस चर्चा का अंतिम विषय था छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की पहचान है कि छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोग अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीते हैं।
छत्तीसगढ़ के विकास में अग्रवाल समाज का योगदान : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि करीब 400 साल पहले साल 1627 ईसवी में मुगल बादशाह शाहजहां के आतंक से त्रस्त होकर अग्रवालों के पूर्वज छत्तीसगढ़ पहुंचे और यहां की संस्कृति और त्योहार को अपनाकर छत्तीसगढि़या हो गए। अग्रवालों के पूर्वजों को छत्तीसगढ़ से जो भी मिला उन्होंने सबको छत्तीसगढ़ के विकास में लगा दिया। छत्तीसगढ़ के विकास में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने भारी योगदान दिया है।


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