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अम्बिकापुर@एनडीआरएफ घुनघुटा बांध में बाढ़ आपदा से बचाव का किया रिहर्सल

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डूबते व्यक्ति को बचाने एवं सीपीआर देने की वैज्ञानिक प्रक्रिया का हुआ प्रदर्शन

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,17 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। जिले के घुनघुटा बांध में आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ द्वारा मॉक ड्रिल अभ्यास का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल 03 वाहिनी एनडीआरएफ, मुण्डली (कटक,ओडिशा) के डिप्टी कमांडर श्री पवन जोशी के मार्गदर्शन में तथा सब-इंस्पेक्टर श्री अभिजीत साहू के नेतृत्व में संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। प्रथम प्रारंभ अभ्यास में यह दर्शाया गया कि अचानक जलस्तर बढ़ने से घुनघुटा बांध क्षेत्र के समीप स्थित गांव में 10 नागरिक फंस गए हैं। एनडीआरएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दो बोट की सहायता से सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
डूबते व्यक्ति को बचाने एवं
सीपीआर का हुआ प्रदर्शन

दूसरे दृश्य में एक नाव में सवार दो यात्रियों के आपसी विवाद के कारण नदी में गिरकर डूबने की स्थिति उत्पन्न होने का अभ्यास किया गया। इस दौरान एनडीआरएफ की बोट तत्काल मौके पर पहुंची और जवानों द्वारा दोनों डूबते व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई। मॉक ड्रिल के माध्यम से डूबते व्यक्ति को बचाने की विधि तथा सीपीआर देने की वैज्ञानिक प्रक्रिया का विस्तृत प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत नदी में डूबे एक व्यक्ति की खोज एनडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों द्वारा की गई। चौथे दृश्य में क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जा रही एक सिविल बोट के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति दिखाई गई, जिसमें एनडीआरएफ के जवानों ने त्वरित राहत कार्य करते हुए डूबते व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। साथ ही नदी में डूब रहे एक अन्य व्यक्ति को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों को दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण : मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों को घरेलू उपयोग की वस्तुओं से अस्थायी लाइफ जैकेट बनाने एवं आपदा के समय जान बचाने के उपायों की जानकारी दी। पानी के पीपे,नारियल एवं प्लास्टिक की बोतलों को बांधकर तैरने की तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया। अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक ने बताया कि घुनघुटा जलाशय में आयोजित इस मॉक ड्रिल में ओडिशा से आई एनडीआरएफ टीम के साथ जिला प्रशासन,होमगार्ड,एनसीसी, तथा स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य ग्रामीणों को आपदा से पूर्व प्रशिक्षित करना है, जिससे जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। इससे नागरिकों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपदा के समय स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर श्री पवन जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार एनडीआरएफ द्वारा विभिन्न जिलों में इस प्रकार के मॉक एक्सरसाइज आयोजित किए जाते हैं, ताकि जिला स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके,उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का मूल्यांकन किया जा सके तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से आपदा का सामना किया जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान सभी संबंधित विभागों के नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी,प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बल एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


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