बिलासपुर,17 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहाँ निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल पर एक कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का दावा है कि कमिश्नर उससे घरेलू सामान मंगवाने,मोबाइल-डीटीएच रिचार्ज कराने और मूवी टिकट बुक कराने जैसी निजी फरमाइशें करवाते थे। जब कर्मचारी इन मांगों को पूरा करने में असमर्थ हुआ,तो उसे निलंबित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस पी.पी. साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता और नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 कर्मचारी भूपेंद्र गोडर ने एडवोकेट संदीप दुबे के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। साक्ष्य के रूप में ‘कमिश्नर सर जी’ नाम से सेव नंबर के साथ हुई वॉट्सऐप चैट्स के स्क्रीनशॉट पेश किए गए हैं। इन चैट्स में मांगें दिखाई दे रही हैं 10 किलो पुराना जवाफूल चावल, 5 किलो सेब और लाल अंगूर जैसे फल। सिनेमा हॉल की ‘कॉर्नर’ या ‘लास्ट रो’ की दो टिकटें। घर का वाई-फाई रिचार्ज, एयरटेल पैक और डीटीएच रिचार्ज करवाना। गैस सिलेंडर और बंगले के लिए एसी की मांग।
मांग पूरी न होने पर कार्रवाई : याचिका के अनुसार, भूपेंद्र गोडर की नियुक्ति 2014 में चपरासी के पद पर हुई थी और 2019 में वे प्रमोट होकर असिस्टेंट ग्रेड-3 बने। कर्मचारी का आरोप है कि जब उसने कमिश्नर की निजी मांगों को पूरा करना बंद कर दिया,तो उसे 31 जुलाई 2025 को नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर नोटिस थमा दिया गया। इसके बाद 7 अगस्त 2025 को उसे निलंबित कर दिया गया और 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट के आधार पर उसे बर्खास्त करने की तैयारी कर ली गई थी।
हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी : मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि जांच पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण और मनमाने ढंग से की गई है। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी द्वारा आरोप साबित करने के लिए किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की गई। बिना ठोस सबूतों के ही कर्मचारी को दंडित करने का प्रस्ताव रखा गया। हाई कोर्ट ने कर्मचारी के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई (23 फरवरी) तक रोक लगा दी है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur