बीजापुर,16 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रशासन ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ रखा है। जिला मुख्यालय स्थित न्यू बस स्टैंड के पीछे के इलाके में नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची। अब तक 40 से अधिक मकानों को ढहाया जा चुका है और प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। पुलिस बल की मौजूदगी में चल रही इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, शहर के नियोजित विकास के लिए अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है, लेकिन इस कार्रवाई ने कई परिवारों के सामने छत का संकट खड़ा कर दिया है।
नक्सल हिंसा के डर से छोड़ा था गांव,अब शहर में भी नहीं रही छत
अतिक्रमण की इस मार ने उन लोगों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई है जो नक्सली हिंसा के डर से अपना गांव छोड़कर शहर आए थे। पीडि़त गंगा माड़वी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे पिछले चार सालों से यहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव में नक्सलियों का आतंक है, जिसके कारण उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़कर बीजापुर शहर में शरण लेनी पड़ी। गंगा के अनुसार, उन्होंने प्रशासन से मौखिक सहमति के बाद ही घर बनाया था और वे नियमित रूप से टैक्स का भुगतान भी कर रहे थे। अब सवाल यह उठता है कि यदि वे वापस गांव जाते हैं, तो नक्सली उन्हें मार देंगे और शहर में सरकार ने उनका आशियाना छीन लिया है।
कोर्ट में लंबित मामला और अचानक हुई कार्रवाई पर उठे सवाल
प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए गंगा माड़वी ने बताया कि उन्हें तीन महीने पहले मकान खाली करने का नोटिस मिला था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। गंगा का दावा है कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि अंतिम फैसला आने तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। हालांकि, अचानक हुई इस कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है। महिलाओं की रोती-बिलखती तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें वे अधिकारियों से एक ही सवाल पूछ रही हैं— ‘हम अपने बच्चों को लेकर अब कहां जाएंगे? ‘
दो चरणों में होगी 75 मकानों को तोड़ने की कार्रवाईः सीएमओ
नगर पालिका परिषद बीजापुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी बी.एल. नुरेटी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने कुल 75 अवैध मकानों को चिह्नित किया है जिन्हें दो चरणों में तोड़ा जाएगा। पहले चरण में न्यू बस स्टैंड के पीछे स्थित 55 मकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसमें से अधिकांश गिराए जा चुके हैं। इसके बाद दूसरे चरण में शांति नगर इलाके के 20 मकानों पर बुलडोजर चलेगा।
ड्यूटी पर तैनात था डीआरजी जवान, पीछे से ढहा दिया गया आशियाना
इस अभियान के दौरान एक हृदयविदारक घटना सामने आई। जिला रिजर्व गार्ड के एक जवान का घर भी इस कार्रवाई की चपेट में आ गया। जिस वक्त प्रशासन का बुलडोजर जवान के घर की दीवारें तोड़ रहा था, वह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। घर में मौजूद उसकी पत्नी ने बताया कि वे साल 2006 से इस जमीन पर रह रहे हैं। उनके पास गांव में कोई जमीन या वैकल्पिक घर नहीं है। सुरक्षा बलों में रहकर देश सेवा करने वाले जवान के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि कम से कम जवानों और लंबे समय से रह रहे परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए था।
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