

खेल प्रतियोगिताओं की धूम
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल हुए शामिल,सामुदायिक भवन का किया भूमिपूजन
एमसीबी,16 जनवरी 2026(घटती-घटना)। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी एमसीबी जिले के रानीकुण्डी तीर्थ स्थल, बुन्देली ग्राम पंचायत में विशाल धार्मिक मेले का आयोजन किया गया। श्रद्धा,परंपरा और संस्कृति से जुड़े इस मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़े। मेले के साथ-साथ पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का भी भव्य आयोजन हुआ,जिसमें पुरुष एवं महिला कबड्डी सहित कई ग्रामीण खेल शामिल रहे।
खिलाडि़यों को किया गया सम्मानित
द्बोधन के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री द्वारा खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडि़यों और प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए, जिससे खिलाडि़यों का उत्साह और बढ़ा।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर धर्मपाल सिंह, आशीष सिंह, जानकी बाई खुसरो, जयलाल सिंह,सोनमती ऊर्रे,लखन लाल श्रीवास्तव,सरजू यादव, विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं पंच,आयोजन समिति के सदस्य, खेलो इंडिया के खिलाड़ी/प्रतिभागी,दर्शकगण एवं बड़ी संख्या में मेला देखने आए श्रद्धालु उपस्थित रहे,कुल मिलाकर,मकर संक्रांति पर आयोजित यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना,बल्कि सांस्कृतिक एकता,खेल प्रतिभा और विकास की दिशा में भी एक सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। आयोजन समिति एवं सरपंच संघ,मनेन्द्रगढ़ विधानसभा की ओर से उनका फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।
सामुदायिक भवन का विधिवत भूमिपूजन
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने रानीकुण्डी धाम,बुन्देली में सामुदायिक भवन का विधिवत भूमिपूजन किया,उन्होंने कहा कि यह भवन बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं,खिलाडि़यों एवं बालिकाओं के ठहरने के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा सिद्ध होगा और तीर्थ क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर बनेगा।
रानीकुण्डी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता
अपने उद्बोधन में मंत्री जायसवाल ने कहा कि रानीकुण्डी तीर्थ स्थल क्षेत्र का एक प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां धवरेल राजा-रानी के सती होने से जुड़ी मान्यताएं प्रचलित हैं,यहां स्थापित शिवलिंग की अपनी विशेष धार्मिक महिमा है,उन्होंने बताया कि यहां का प्राकृतिक झरना और संगम अत्यंत अलौकिक है। जैसे प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती का संगम माना जाता है,उसी प्रकार यहां कौडि़या नदी,हसदेव नदी और रानीकुण्डी का संगम होता है, जिसे स्थानीय लोग प्रयागराज एवं राजिम संगम” की तर्ज पर मानकर श्रद्धा से स्नान करते हैं।
विकास कार्यों का भरोसा, बड़े पुल की घोषणा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में रानीकुण्डी तीर्थ स्थल और अधिक भव्य स्वरूप में नजर आएगा, उन्होंने बताया कि सामुदायिक भवन का भूमिपूजन इसी विकास श्रृंखला का हिस्सा है,उन्होंने क्षेत्र में एक बड़े पुल की आवश्यकता को भी रेखांकित करते हुए कहा कि इसे इसी कार्यकाल में पूरा किया जाएगा,जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
पारंपरिक खेलों को बढ़ावा
मंत्री जायसवाल ने कहा कि वर्षों से यहां पुरुष एवं महिला कबड्डी, सुआ, करमा और शैला जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन होता आ रहा है,जो हमारी लोक-संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं, ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
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