
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने न्यायालय के लिए आबंटित भूमि पर वर्षों से काबिज छह लोगों के मकान और दुकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल और नगर निगम की टीम की मौजूदगी में की गई।प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि जिला न्यायालय भवन निर्माण के लिए आरक्षित है, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। कब्जा हटने के बाद अब निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। अंबिकापुर में प्रस्तावित नए जिला न्यायालय भवन का निर्माण वर्तमान न्यायालय परिसर में ही किया जाएगा। इससे पहले चठिरमा क्षेत्र में जमीन आवंटित की गई थी,लेकिन वकीलों के विरोध और आंदोलन के चलते उस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद शासन से वर्तमान परिसर के पास ही नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी गई। उक्त भूमि पर स्थित गुलाब कॉलोनी में शासकीय कर्मचारियों के आवास थे। करीब दो माह पूर्व 13 मकानों को खाली कराकर कर्मचारियों को अन्यत्र विस्थापित किया गया था। इसके पीछे स्थित नजूल भूमि पर भी कई लोग वर्षों से काबिज थे। प्रशासन ने बताया ३कि गुलाब कॉलोनी के पीछे की नजूल भूमि पर छह लोग अवैध रूप से काबिज थे। सभी को पूर्व में कब्जा खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद कब्जाधारियों ने एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर और सरगुजा कमिश्नर के समक्ष अपील की,लेकिन सभी अपीलें खारिज कर दी गईं। इसके बाद मामला राजस्व न्यायालय पहुंचा,जहां 7 जनवरी को अंतिम रूप से अपील खारिज कर दी गई। इसके पश्चात 15 जनवरी को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
गुरुवार को चला बुलडोजर
नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद गुरुवार सुबह प्रशासन,पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कब्जाधारियों ने पहले ही अपना सामान हटा लिया था। इसके बाद जेसीबी और बुलडोजर की मदद से एक-एक कर सभी छह मकान और दुकानों को ढहा दिया गया। शाम तक पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया।
60 साल से रहने का दावा,कार्रवाई का विरोध
कब्जाधारियों जितेश गोयल और मनोज सिंह ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे करीब 60 वर्षों से उक्त भूमि पर रह रहे थे। उन्होंने बताया कि 152 प्रतिशत प्रीमियम दर पर पट्टा देने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रशासन ने पट्टा नहीं दिया। मात्र 24 घंटे का समय देकर मकान तोडऩा प्रशासनिक गुंडागर्दी है।
भूमि न्यायालय भवन के लिए आबंटित
अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि कब्जाधारियों के खिलाफ पूर्व में विधिवत बेदखली आदेश जारी किए गए थे। उनकी सभी अपीलें 7 जनवरी को खारिज हो चुकी थीं, जिसकी जानकारी उन्हें थी। इसके बाद अंतिम रूप से 24 घंटे का नोटिस दिया गया। यह भूमि जिला न्यायालय भवन निर्माण के लिए आबंटित है और कब्जा हटने के बाद अब निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
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