Breaking News

बिलासपुर@छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

Share


तलाक का नोटिस मिलने के बाद दहेज केस दर्ज कराना गलत
बिलासपुर,15 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस सबूत के ससुराल वालों को आरोपी बनाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक विवादों में पति के दूर के रिश्तेदारों को बिना तथ्यों के घसीटना केवल उत्पीड़न का साधन बनता जा रहा है। इसी टिप्पणी के साथ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने महिला थाने में दर्ज एफआईआर और मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित मामले को रद्द कर दिया है। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी मोहम्मद शाहरुख खान का निकाह 18 जनवरी 2022 को अंबिकापुर की एक युवती से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। 18 दिसंबर 2023 को पति अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया। इसके बाद पति ने मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत पत्नी को तलाक-ए-हसन का कानूनी नोटिस भेजा। तलाक का नोटिस मिलने के बाद महिला ने पति,ससुर मोहम्मद फिरोज खान, सास नसरीन अख्तर और ननद अलीशा खान के खिलाफ अंबिकापुर के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई थी।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण एक बार फिर ठंड की वापसी

Share -संवाददाता-अम्बिकापुर,22 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर …

Leave a Reply