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सूरजपुर@ छत्तीसगढ़ में न्यायिक अधोसंरचना का विस्तार

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छ.ग.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने किया वर्चुअल भूमि पूजन
सूरजपुर,15 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ के न्यायिक क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में प्रस्तावित नवीन सिविल कोर्ट (व्यवहार न्यायालय) भवन के निर्माण हेतु ऑनलाइन माध्यम से भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति राधा किशन अग्रवाल, पोर्ट फोलियो जज, सूरजपुर भी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में प्रतापपुर की जनता,अधिवक्तागण एवं न्यायिक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नया भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें आधुनिक कोर्ट रूम, रीडर रूम, बिटनेस रूम,चेंबर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल,नजारत, सेंट्रल फाइलिंग रूम, बार रूम,वीआईपी वेटिंग एरिया सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
जिससे आमजनमानस एवं न्यायालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, मुख्य न्यायाधीश ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि भवन निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा सर्वोत्तम गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, साथ ही, उन्होंने प्रधान जिला न्यायाधीश सूरजपुर को निर्माण कार्य की सतत निगरानी का दायित्व भी सौंपा, प्रतापपुर के अधिवक्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए यह वर्षों पुराना सपना साकार होने जैसा है, नए हाईटेक भवन के निर्माण से न केवल न्यायिक कार्यवाही में गति आएगी, बल्कि गवाहों एवं पक्षकारों को भी बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएँ प्राप्त होंगी, इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती विनीता वार्नर (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर), श्रीमती प्रज्ञा पचौरी (न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय), मानवेन्द्र सिंह (प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), ओम प्रकाश सिंह चौहान (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर), प्रशांत कुमार ठाकुर (पुलिस अधीक्षक, सूरजपुर), विजेन्द्र सिंह पाटले (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर) सहित न्यायाधीशगण, सूरजपुर बार अध्यक्ष बलराम शर्मा, सूरजपुर एवं प्रतापपुर के अधिवक्तागण तथा न्यायालयीन कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से शामिल हुए, यह परियोजना सूरजपुर जिले में न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे न्याय तक पहुँच और अधिक सरल, त्वरित एवं प्रभावी होगी।


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