Breaking News

नई दिल्ली@शिक्षा केवल आजीविका नहीं, समाज और राष्ट्र सेवा का माध्यम : राष्ट्रपति

Share


नई दिल्ली,15 जनवरी 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और क्षमताओं का उपयोग व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सामाजिक उत्थान और देश के विकास के लिए करें। राष्ट्रपति ने यहां के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का माध्यम है। औपचारिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत होते हैं, लेकिन निरंतर सीखने की भावना,नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता, ईमानदारी, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व हर क्षेत्र में समान रूप से आवश्यक हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि समाज ने विद्यार्थियों की शिक्षा में योगदान दिया है,इसलिए उनका भी दायित्व है कि वे विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गए वर्गों को आगे बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और कृषि से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उच्च शिक्षण संस्थान शोध, नवाचार और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देकर इस प्रगति को और सशक्त बना सकते हैं। राष्ट्रपति ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को युवाओं को सही मार्गदर्शन देकर इस चुनौती से निपटने में अहम भूमिका निभानी चाहिए।


Share

Check Also

हरिद्वार@गायत्री मंत्र जन-जन की चेतना और राष्ट्र परिवर्तन की शक्ति : अमित शाह

Share हरिद्वार,22 जनवरी 2026। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंडित …

Leave a Reply