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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने किए प्रदेश सरकार से सवाल,कहा- कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर बरती जा रही लापरवाही से प्रदेश सरकार का टूलकिटिया-चरित्र बेनक¸ाब हो रहा


रायपुर, 08 जनवरी 2022 (ए)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश में तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश सरकार को ढकोसलेबाजी छोड़कर रोकथाम के पुख़्ता इंतज़ाम पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी है। साय ने कहा कि उत्तरप्रदेश और पंजाब की राजनीतिक नौटंकियों में मशगूल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के लोगों की क¸तई चिंता नहीं कर रहे हैं और प्रदेश की जनता एक बार फिर कोरोना संक्रमण की त्रासदी केवल और केवल प्रदेश सरकार के नाक¸ारापन के कारण भोगने के लिए विवश है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कल्याण कॉलेज के वायरल हुए वीडियो क्लिप का जि़क¸्र करते हुए कहा कि यह बेहद लज्जाजनक है कि लॉकडाउन और कोरोना की दोनों लहरों के भयावह दौर में शराबप्रेमियों को ऑनलाइन शराब मुहैया कराने और घर-घर शराब भिजवाकर दारू की कोचियागिरी करने वाली प्रदेश सरकार को यह क¸तई नज़र नहीं आ रहा है कि कैसे विद्यार्थी भीड़ लगाकर अपने-अपने ऑफ़लाइन परीक्षा फार्म भर रहे हैं। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की सेहत से खिलवाड़ कर रही है और भारी संख्या में एकत्रित छात्र अपने परीक्षा फार्म ऑफ़लाइन भरने के लिए विवश किए जा रहे हैं! कोरोना संक्रमण को लेकर टूलकिटिया-दुराग्रह पर कटाक्ष कर प्रदेश सरकार से गंभीर सवाल कर उन पर स्थिति स्पष्ट करने कहा है :राजधानी में कोरोना संक्रमण की दर जो अब 15 फ़ीसदी से पार हो चली है, उस पर क¸ाबू पाने के लिए प्रदेश सरकार के पाास क्या रोडमैप है?
रोज़ कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बाद भी प्रदेश में सरकार और प्रशासन कहीं नज़र क्यों नहीं आ रहा है? लोगों को मास्क पहनने, नाइट कफऱ््यू के पालन और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख़्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही है?
प्रदेश सरकार बताए कि वह संक्रमण दर के कितने प्रतिशत होने के बाद सक्रिय होकर कोरोना के खि़लाफ़ क¸ारग़र पहल करने का इरादा रखती है?
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनज़र प्रदेश सरकार अब भी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, इलाज के साथ-साथ मरेंटाइन सेंटर्स और अस्पतालों की पुख़्ता व्यवस्था के प्रति उदासीनता कब तक दिखाएगी?
छत्तीसगढ़ आज संक्रमण के सामुदायिक प्रसार (कम्युनिटी स्प्रेड) के क¸ग़ार पर पहुँच गया है, परंतु प्रदेश सरकार हालात की भयावहता को भाँपने के लिए तैयार ही नहीं है। आखि़र राज्य सरकार कर क्या रही है?
कोरोना की रोकथाम के नाम पर अपने झूठे दावों का जो नित-नया पाखंड रच रही है, उसके पीछे उसकी मंशा क्या है? छत्तीसगढ़ के लोगों को दहशत के साए में धकेलकर प्रदेश सरकार आखि़र लोगों से कौन-सी दुश्मनी भंजा रही है?


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