रायपुर@छत्तीसगढ़ में फि र बजी कोरोना के खतरे की घंटी

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तेजी से बढ़ रहा कोरोना,केस 100 पार
रायगढ़,रायपुर और जांजगीर में मिल रहे दर्जनों केस


रायपुर, 29 दिसंबर 2021 (ए)। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पैर पसारने लगा है। लगातार मिल रहा पाजीटिव केस के कारण अब ऐसा लग रहा है कि राज्य में प्रशासन का सतर्कता बरतने संबंधी विभिन्न नियमों को लागू करने हेतु पुनः विचार करना चाहिए। साथ ही तेजी से बढ़ रहे पाजीटिव केस को रोकने के लिए जनजागरण अभियान में तेजी लानी चाहिए। केंद्र सरकार की माने तो दीपावली पर्व के बाद से ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के विभिन्न राज्यों को सतर्क किया था लेकिन दक्षिण भारत के कुछ एक राज्यों में इसका असर देखा गया। वर्तमान समय में दक्षिण आफ्रिका से निकले ओमिक्रान वेरियंट जो की काफी ताकतवर वेरियंट माना जाता है वह भारत में तेजी से पैर पसार रहा है। महाराष्ट, नईदिल्ली, कर्नाटक जैसे राज्यों और कई केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासन ने सख्त नियम लागू कर दिये हैं। सोमवार से ही देश की राजधानी नईदिल्ली में क्लब, सिनेमाहाल, जैसे भीड़ जुटने वाले स्थानों पर पाबंदी लगा दी है। पिछले दो सप्ताहों से छग में भी लगातार कोरोना के बढ़ते आंकड़े देखे जा रहे हैं। रायगढ़ में दर्जनों पाजीटिव मामले लगातार आ रहे हैं साथ ही जांजगीर चांपा और राजधानी रायपुर में भी पाजीटिव मरीजों के आंकड़े बढ़ता जा रहा है। छग शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा कोरोना बुलेटिन जारी किया गया। जिसके तहत छग में 22 हजार 700 लोगों के सैंपलों के जांच की गई। जिसमें लगभग 70 व्यक्ति कोरोना पाजीटिव मिले। प्रदेश के डेढ़ दर्जन जिलों में कोई नया मामला नहीं आया है। सबसे अधिक मामले रायगढ़ में पाये गये हैं। वर्तमान समय में सक्रिय मामलों की बात करें तो यह आंकड़ा सैंकड़ा पार कर चुका है।
बढ़ती भीड़ चिंता नहीं
बढ़ते कोरोना के मामलों के साथ अगर भीड़ की बात की जाए तो राजधानी रायपुर में ही भीड़भाड़ वाले स्थानों में किसी प्रकार की कोई सक्रियता नहीं बरती जा रही है। स्कूल कालेज खुले हुए हैं। बूढ़ातालाब धरनास्थल में तो प्रतिदिन हजारों की संख्या में अपनी मांगों को लेकर धरना देने वाले पहुंचते हैं। साथ ही साथ राजधानी के विभिन्न बाजारों में लगातार भीड़ भाड़ देखी जा रही है। यही हालात बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और रायगढ़ की है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले के मद्देनजर अगर समय रहते प्रशासन इस पर विचार विमर्श कर नियमों से कड़ाई से पालन नहीं कराती है तो बढ़ते कोरोना के चलते एक बार फिर लोगों की जान खतरे में आ सकता है।


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