रायपुर @ बस्तर और सरगुजा अंचल के जिला अस्पतालों में भी अब निःशुल्क कीमोथेरेपी सुविधा

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रायपुर, 22 नवम्बर 2021 (ए )। प्रदेश के 17 जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी की सुविधा विकसित कर ली गई है। डे-केयर कीमोथेरेपी की सुविधा वाले इन 17 अस्पतालों में से आठ बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल में हैं। इससे प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और आदिवासी अंचलों के कैंसर मरीजों को एक जरूरी सुविधा मिल रही है। कोरोना काल में लॉक-डाउन के चलते जब सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बंद थीं, उस समय अलग-अलग जिलों में संचालित, स्थानीय स्तर पर मौजूद इस सुविधा ने कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत दी थी। निःशुल्क कीमोथेरेपी की सुविधा ने कैंसर के इलाज में होने वाले बड़े खर्च की चिंता से भी मरीजों को मुक्त किया है। सुदूर बस्तर संभाग के चार जिला अस्पतालों दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बस्तर और कांकेर तथा सरगुजा संभाग के बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिला अस्पतालों में मरीजों की निःशुल्क कीमोथेरेपी हो रही है। बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, गरियाबंद, जांजगीर, कोरबा, मुंगेली, रायपुर और धमतरी के जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू की जा चुकी है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में चरणबद्ध रूप से कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ‘दीर्घायु वार्ड’ योजना के अंतर्गत प्रदेश के 17 जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी सुविधा संचालित की जा रही है। इन अस्पतालों में पिछले डेढ़ वर्षों में 820 कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी की गई है। जगदलपुर जिला अस्पताल में 341, जशपुर में 294, अंबिकापुर में 78, कांकेर और सूरजपुर में 24-24, रायपुर में 17, नारायणपुर में 13, जांजगीर और धमतरी में दस-दस, बेमेतरा में चार, बिलासपुर और दंतेवाड़ा में दो-दो तथा बलरामपुर जिला अस्पताल में एक मरीज की कीमोथेरेपी इस दौरान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी पहल पर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा दूर-दराज के इलाकों में भी अच्छी चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने नई-नई सुविधाएं शुरू की जा रही हैं।


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