रायपुर @ केंद्रीय राज्य मंत्री ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

44
Share


मुख्यमंत्री भूपेश ने दिया जवाब
रायपुर,20 अक्टूबर 2021 (ए)। केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। कुलस्ते दुर्ग में एक सामाजिक कार्यक्रम सहित पार्टी की बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान रायपुर एयरपोर्ट पहुँचने के बाद मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का भाजपा के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
एयरपोर्ट से वीआईपी गेस्ट हाउस पहुना पहुंचे केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने मीडिया से चर्चा के दौरान राज्य सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और सांप्रदायिक दंगे बढ़ रहे हैं, इसके लिए प्रदेश की सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि धर्मांतरण और सांप्रदायिक दंगे करवाना कांग्रेस का पुराना इतिहास है। जहां-जहां कांग्रेस की सरकार रहती है वहां इस प्रकार की अराजकता आम बात है।
फग्गन सिंह कुलस्ते ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि ये ऐसा प्रदेश है जहां पहले दंगे फसाद हुआ करते थे, लेकिन अब योगी शासनकाल में अराजकता में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि यूपी में कानून एवं व्यवस्था बहुत अच्छे तरीके से मेंटेन किया गया है। वहां किसी ने सांप्रदायिक दंगे भड़काने की कोशिश की तो उस पर कार्रवाई भी की गई है। राज्य सरकार की कोशिश होनी चाहिए कि प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल ना बिगड़े।
मुख्यमंत्री भूपेश
का पलटवार
केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के पास धर्मांतरण और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की मास्टरी है। खासकर जहां भाजपा सरकार में नहीं होती वहां अस्थिरता पैदा कर लोगों को भड़काने की कोशिश ये करते हैं। इन्हें शासन चलाना नहीं आता है। इन्होंने कोयला और ऑक्सीजन छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं करा पाए और ना ही बढ़ती महंगाई और पेट्रोल डीजल के दाम को रोक पा रहे हैं।
दंगे भड़काने और अराजकता फैलाने का काम आरएसएस के लोग आजादी के पहले से ही करते आ रहे हैं और अभी भी जारी है। छत्तीसगढ़ में किसान, युवा, व्यापारी, महिलाएं और उद्योग में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे भाजपा और आरएसएस सहन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा बीते 15 सालों में भाजपा ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने का काम नहीं किया और ना ही राम वन गमन पथ बनाने का सोचा। उन्होंने “राम नाम जपना पराया माल अपना” कहावत को उन पर चरितार्थ होना बताया है।


Share