बैकु΄ठपुर@ प्रधान पाठक पर ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

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पंचायत ने भी प्रस्ताव में रखी हटाने की मांग,विवादों में घिरे में प्रधान पाठक

रवि सिंह-

बैकु΄ठपुर 07 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। ताजा मामला माध्यमिक शाला छिंदिया के प्रधान पाठक सुरेश साहू से संबंधित है। जिनके ऊपर ग्राम वासियों, निर्वाचित पंच एवं जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हें तत्काल विद्यालय से हटाने की मांग जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ शासन में संसदीय सचिव, बैकुंठपुर विधायिका श्रीमती अंबिका सिंह देव से की है। ग्रामीणों ने प्रधान पाठक पर आरोप लगाया कि वे जाति-निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर छात्रों और पालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि शासन के मंशा अनुरूप सभी छात्र-छात्राओं को जाति-निवास प्रमाण पत्र निशुल्क प्राप्त होना है।
पंचायत निगरानी समिति ने जब विद्यालय की जांच की तो अवैध वसूली की पूरी बात सामने आई। समिति ने पाया कि मध्यान्ह भोजन में कीड़ा युक्त एवं खराब चावल बनाया जा रहा है, विद्यार्थियों ने भी इस बात की पुष्टि की उन्हे सदैव खराब चावल ही परोसा जाता है एवं मैन्यू अनुसार कभी भी भोजन प्रदाय नहीं किया जाता। जबकि मध्यान्ह भोजन संचालन की सारी व्यवस्था प्रधान पाठक ने स्वयं अपने हाथ में ले रखी है, जिसे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित किया जाना चाहिए। स्टॉक रजिस्टर जांचने के बाद यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय में कई मि्ंटल चावल बचत में है, जबकि पुनः नए चावल का आवंटन भी जारी हो गया है। निगरानी समिति ने यह पाया पुराने बचत स्टॉक का चावल जो खराब हो चुका होता है उसे बच्चों को परोसा जाता है और नए आवंटन को प्रधान पाठक द्वारा विक्रय कर दिया जाता है। प्रधान पाठक द्वारा अभी तक कोरोनाकाल में विद्यार्थियों को वितरित किए जाने वाले सुखा राशन का वितरण भी नहीं किया है। जब निगरानी समिति के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई तो प्रधान पाठक ने उल्टे गाली गलौज प्रारंभ कर दिया एवं थाने में जाकर शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसी झूठी शिकायत दर्ज करा दी। जिसकी जांच अभी तक लंबित है।


प्रधान पाठक का विवादों से है गहरा नाता

इसके पूर्व भी प्रधान पाठक द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण जनों से कई बार विवाद हो चुका है। कुछ वर्ष पूर्व प्रधान पाठक सुरेश साहू के ऊपर माध्यमिक विद्यालय छिंदिया में अध्ययनरत छात्राओं ने भी शारीरिक शोषण की शिकायत की थी, जिस पर खूब हो हल्ला भी हुआ था परंतु अपने रसूख और पहुंच के कारण प्रधान पाठक के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऐ ऐसे शासकीय शिक्षक हैं जो जहां भी पदस्थ रहे हैं वहां विवादित रहे हैं। इनके इनके द्वारा अपने पदस्थापना के दौरान कई बार पालकों, ग्रामीणों और अपने सहकर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विगत दिनों स्वतंत्रता दिवस के दिन बगैर किसी अतिथि, बगैर किसी ग्रामीण अथवा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण समय पूर्व करा दिए जाने पर भी जनप्रतिनिधियों के साथ सुरेश साहू का विवाद हो चुका है। साथी सहकर्मी भी प्रधान पाठक के कृत्य व्यवहार और आचरण से बहुत परेशान हैं, और समय-समय पर उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत करते रहते हैं,परंतु अपनी पहुंच एवं रसूख के कारण इन पर कभी कोई कार्यवाही नहीं होती। कुछ दिन पूर्व का ही मामला है जब इनके विद्यालय में पदस्थ अंशकालीन स्वीपर मधु कुर्रे को प्रधान पाठक ने बगैर किसी पूर्व सूचना के विद्यालय के कार्य व्यवस्था से बाहर कर दिया था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था, परंतु ग्राम वासियों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जब उच्चाधिकारियों द्वारा मामले की जांच कराई गई तो पुनः मधु कुर्रे को विद्यालय में अंशकालीन स्वीपर के पद पर यथावत रखने का आदेश दिया गया।


तत्काल कार्यवाही नहीं हुई तो होगा व्यापक आंदोलन

शिकायत करने वाले ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं पालकों ने स्पष्ट कहा है कि यदि शिकायत के बाद तत्काल 15 दिवस के भीतर यदि प्रधान पाठक सुरेश साहू को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया और जांच कर उचित कार्यवाही नहीं की गई तो ग्रामीणों द्वारा व्यापक आंदोलन,धरना प्रदर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।


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