- ओंकार पांडेय –
सूरजपुर,12 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। जिले के दुरस्थ पहुचविहिन क्षेत्र बिहारपुर चांदनी के लुल्ह में उल्टी दस्त से महिला की मौत हो गई है कई ग्रामीणो की हालत गंभीर बनी हुई है सुचना पर स्वास्थ अमला गांव पहुच कर उपचार जुटा हुआ है. दो सप्ताह से मौसमी बिमारियों का प्रकोप झेल रहे लुल्ह में रविवार को 50 वर्ष महिला फुलकुवर चेरवा की मौत हो गई है. इससे 10 दिन पहले भी एक महिला की मौत हो गई थी. ग्रामिणो ने बताया कि मृतक को उल्टी दस्त था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. दुगर्म क्षेत्र व पहाडी क्षेत्र होने की वजह से स्वास्थ उपचार नही मिल पाया न ही लाया जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई. मौत की सूचना पर आज स्वास्थ विभाग की टीम गांव पहुचकर स्वास्थ शिविर लगाकर 42 ग्रामीणो का उपचार किया है और पर्याप्त मात्रा में मितानित को दवा उपलध करवा दिया है. स्वास्थ शिविर के प्रभारी डा0 बृजेश कुश्वाहा ने बताया कि गांव में मौसमी बिमारिया है जिसकी सतत निगरानी की जा रही है इससे पहले भी गांव मे स्वास्थ शिविर लगाये गये थे और आज भी शिविर लगाकर स्वास्थ उपचार किया गया है. अभी जिस महिला की मौत हुई है उसकी वजह हार्ड अटैक है. जबकि लुल्ह गांव दो सप्ताह से मौसमी बिमारी का प्रकोप है अब तक दो महिलाओ की मौत हो चुकी है ग्रामीणो का कहना है कि दोनो की मौत उल्टी दस्त से हुआ है कई ग्रामीण जन प्रभावित भी है जबकि स्वास्थ अमला का दावा कुछ और ही है फिलहाल अब तक हुई दो महिलाओ की मौत की वजह कुछ अलग बताने में लगी है इसके लिये स्वास्थ अमला ने पंचनामा तैयार कर ग्रामीणो के हस्ताक्षर भी कराये है.
न रास्ता न शुद्ध पेयजल
लुल्ह गांव अति दुगर्म स्थल पर है न तो सडक है न ही आवश्यक मुलभूत सुविधा मिल रही है यहा तक कि कुये, ढोडी का दुषित पानी पीने को मजबुर है बिमार होने पर ग्रामीण जडी बुटी का सहारा लेते है बहुत आवश्यक होने पर न तो यहा स्वास्थ अमला पहुच सकता, न ही मरीज को 25 किलोमीटर का दुर बिहारपुर स्वास्थ केन्द्र पहुच सकता है.
2018 के विधानसभा चुनाव
का किया था बहिष्कार
सडक स्वास्थ शिक्षा पेयजल सहित अन्य जरूरी मुलभूत आवश्यकता को लेकर गांव के ग्रामीणो ने 2018 के विधानसभा हुये मतदान का खुले तौर पर बहिष्कार किया था ग्रामीणो की मांग थी सरकार यहा हमे अन्यत जरुरी मुलभूत सुविधा प्रदान करें इसके बाद भी इस गांव की न तो तकदीर सवरी न ही तस्वीर नेता मंत्री अधिकारी गाव पहुचकर वादे तो करते है और उसे बहुत जल्दी भुल भी जाते है.
दावा हवा हवाई
दुर्गम पहाड़ पर बसे एक दर्जन गांव सहित आसपास गाव के ग्रामिणो के बेहतर स्वास्थ सुविधा के लिये ग्रामीणो ने महुली उप स्वास्थ केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र बनाये जाने की मांग की थी. जिस पर जिला प्रसाशन व स्वास्थ विभाग ने अमल करते हुये सर्वे कर कागजी कार्यवाही कर कागज स्वीकृति के भेज दिया था. लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नही मिल सकी है अंदाजा लगाया जा सकता है अति गरीब आदिवासी पंडो जनजातियों के लोगो की समुचित बेहरत स्वास्थ्य के लिए नेता मंत्री अधिकारी व सरकार कितनी गंभीर है.?
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