छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने राज्यपाल,मुख्यमंत्री और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन….
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,31 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज सरगुजा ने अंबिकापुर स्थित आदिवासी कला केंद्र मैदान को व्यावसायिक परिसर एवं पार्क में तब्दील किए जाने का विरोध किया है। समाज के पदाधिकारियों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री,अनुसूचित जनजाति मंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मैदान को यथावत रखने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि सरगुजा जिला संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में आता है। यहां आदिवासी समाज की लोक कला,संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए आदिवासी कला केंद्र मैदान महत्वपूर्ण स्थान रखता है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इस मैदान में वर्षों से आदिवासी समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। नगर निगम द्वारा इसे व्यावसायिक परिसर एवं पार्क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत प्रभावित होगी।
पूर्वजों की विरासत से जुड़ा है मैदान : ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यह स्थान सरगुजा की आदिवासी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यहां मांदर,ढोल और झांझ के साथ पारंपरिक नृत्य एवं गायन कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसी कारण इस स्थान का नाम आदिवासी कला केंद्र मैदान रखा गया। समाज ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51 (क) एवं (ख) के तहत देश की संस्कृति और विरासत का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों की परंपराओं और संस्कृति की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
मैदान को यथावत रखने की मांग : सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि आदिवासी कला केंद्र मैदान को किसी भी व्यावसायिक उपयोग में नहीं बदला जाए। इसे आदिवासी कला, संस्कृति और सामाजिक आयोजनों के लिए सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रह सकें। ज्ञापन सौंपने वालों में समाज के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur