

- कागजों पर हैंडओवर जमीन पर ताला,आखिर कब खत्म होगा सैलानियों का इंतजार?
- पर्यटन विभाग की सुस्ती या कोई और मजबूरी? जनवरी में मिला हैंडओवर,फिर भी अप्रैल तक क्यों नहीं चालू हुआ घुनघुट्टा रिसोर्ट?
- घुनघुट्टा रिसोर्ट या रसूखदारों का ‘प्राइवेट विला’? करोड़ों के पर्यटन स्थल पर प्रबंधन का कब्जा,आम जनता के लिए आज भी ‘नो एंट्री’! ‘
राजन पाण्डेय
कोरिया/सोनहत,19 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। प्रकृति की गोद में बसे सोनहत के घुनघुट्टा रिसोर्ट को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में है। चौंकाने वाली बात यह है कि जनवरी 2026 में ही यह प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है, लेकिन विडंबना देखिए कि 4 माह बीत जाने के बाद भी इसे आम जनता के लिए सुचारू रूप से शुरू नहीं किया जा सका है। करोड़ों की लागत से तैयार यह सरकारी संपत्ति अब केवल अव्यवस्था और प्रबंधन की तानाशाही का केंद्र बनकर रह गई है। जनवरी 2026 में उठी विरोध की लहर के बाद उम्मीद थी कि व्यवस्थाएं सुधरेंगी, लेकिन हकीकत यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी यह रिसोर्ट आम पर्यटकों के लिए पूरी तरह ‘चालू’ नहीं हो सका है।
चेहरा देखकर खुलता है गेट, आम आदमी के लिए ‘ऊपर’ का आदेश अनिवार्य
हैरानी की बात यह है कि रिसोर्ट में प्रवेश के लिए आज भी कोई पारदर्शी नियमावली नहीं है, स्थानीय लोगों और पर्यटकों का आरोप है कि यहाँ ‘चेहरा देखकर’ प्रवेश दिया जाता है,यदि आप रसूखदार हैं या किसी बड़े अधिकारी या नेता के परिचित, तो आपके लिए रेड कार्पेट बिछा है, लेकिन यदि आप एक साधारण पर्यटक हैं जो परिवार के साथ सुकून के दो पल बिताने आए हैं, तो आपको गेट से ही ‘ऊपर बात कर लीजिए’ का रटा-रटाया जवाब देकर लौटा दिया जाता है, सुधार के नाम पर सिर्फ ‘बोलचाल’ में बदलाव, सुविधाओं पर ताला जनवरी में यूथ कांग्रेस और स्थानीय मीडिया के कड़े रुख के बाद कर्मचारियों के लहजे में थोड़ी नरमी तो आई है, लेकिन रिसोर्ट के पूर्ण संचालन में हो रही ‘अत्यधिक देरी’ कई सवाल खड़े कर रही है।
सोनहत के पर्यटन व्यवसाय को गहरा जख्म
कांग्रेस नेता अनित दुबे और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र साहू द्वारा पूर्व में जताई गई आशंकाएं अब सच साबित हो रही हैं, बाहर से आने वाले पर्यटक अब सोनहत का रुख करने से कतराने लगे हैं, घुनघुट्टा के नाम पर जो ‘अघोषित पाबंदी’ चल रही है, उसने न केवल रिसोर्ट बल्कि सोनहत के छोटे दुकानदारों के रोजगार पर भी बुरा असर डाला है।
स्थानीय प्रशासन के मौन पर उठ रहे सवाल
खण्ड स्तर के स्थानीय प्रशासन तक बात पहुँचने के बावजूद, धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है, रिसोर्ट के बाहर आज भी कोई ‘साइन बोर्ड’ या ‘विजिटिंग गाइडलाइन’ नहीं है, जिससे पर्यटकों को पता चल सके कि अंदर जाने की पात्रता क्या है।
अंत कुछ सवाल-
सवाल 1ः जब करोड़ों रुपए खर्च कर इसे पर्यटकों के लिए बनाया गया, तो आम जनता इससे वंचित क्यों है?
सवाल 2ः क्या रिसोर्ट का प्रबंधन स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण में है या जिले के बाहर बैठे किसी ‘अदृश्य’ सत्ता के इशारे पर चल रहा है?
सवाल 3ः शाम 4 बजे के बाद आने वाले पर्यटकों के लिए नियम इतने कठोर क्यों हैं कि उन्हें गेट से मायूस होकर लौटना पड़ता है?

अगर जल्द ही घुनघुट्टा रिसोर्ट को सभी के लिए समान रूप से नहीं खोला गया और ‘ऊपर बात कर लीजिए’ वाली तानाशाही संस्कृति खत्म नहीं हुई, तो वह दिन दूर नहीं जब यह शानदार पर्यटन स्थल केवल एक ‘प्राइवेट विला’ बनकर रह जाएगा। जनता अब जवाब चाहती है-घुनघुट्टा रिसोर्ट आम आदमी के लिए कब खुलेगा?
प्रकाश चन्द्र साहू
सोनहत
इनका कहना है…

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस घुनघुट्टा रिसोर्ट को सोनहत और कोरिया जिले की पर्यटन पहचान बनाने के लिए विकसित किया गया, वह आज प्रबंधन की मनमानी का अड्डा बन चुका है, हमें जानकारी मिली है कि जनवरी 2026 में ही यह पर्यटन विभाग को हैंडओवर हो चुका है, फिर भी 4 महीने बीत जाने के बाद इसे आम जनता के लिए क्यों नहीं खोला गया? क्या विभाग किसी खास ‘मुहूर्त’ का इंतजार कर रहा है या इसे केवल वीआईपी लोगों की ऐशगाह बनाकर रखने की योजना है? ‘
अनित दुबे जिला महामंत्री,कांग्रेस कमेटी

सोनहत का घुनघुट्टा रिसोर्ट हमारे जिले की सुंदरता का प्रतीक है,लेकिन पिछले कुछ समय से वहां पर्यटकों को हो रही असुविधा की शिकायतें मुझ तक लगातार पहुँच रही हैं। कई पर्यटकों ने मुझे फोन कर अपनी नाराजगी जाहिर की है कि उन्हें रिसोर्ट के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इसके अलावा,क्षेत्र के अनेक लोगों ने व्यक्तिगत रूप से और फोन के माध्यम से मुझ से यह मांग की है कि इस भव्य रिसोर्ट का संचालन जल्द से जल्द विधिवत रूप से शुरू किया जाए।’ मैं इस विषय को बेहद गंभीरता से ले रहा हूँ और जल्द ही जिला प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत चर्चा करूँगा। मेरा हर संभव प्रयास रहेगा कि जो भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं हैं, उन्हें दूर कर इस रिसोर्ट को शीघ्र अति शीघ्र आम पर्यटकों के लिए पूरी तरह चालू कराया जाए, ताकि सोनहत के पर्यटन को नई गति मिल सके। ‘
देवेंद्र तिवारी,जिलाध्यक्ष भाजपा कोरिया
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