नई दिल्ली,06 अपै्रल 2026। अरुणाचल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक स्वयंसेवी संस्था ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के सनसनीखेज आरोप लगाए। आरोपों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने परिवार के सदस्यों को न केवल सरकारी नौकरियां दीं, बल्कि उनकी निजी कंपनियों को पिछले दस वर्षों में लगभग 1270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके भी दिए। इन विस्फोटक दावों के बाद मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुँच गया,जिसने अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया है। अरुणाचल प्रदेश में साल 2016 से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। पेमा खांडू उसी साल कांग्रेस के विधायकों के एक बड़े गुट के साथ पाला बदलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए थे। तब से लेकर अब तक वे इस पद पर बने हुए हैं। आरोप है कि इसी लंबे कार्यकाल का लाभ उठाकर राज्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता संस्था का दावा है कि राज्य के महत्वपूर्ण सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मुख्यमंत्री की पत्नी और अन्य रिश्तेदारों की विभिन्न कंपनियों को सौंपे गए।
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