रायपुर,05अप्रैल2026। छत्तीसगढ़ में राज्य जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी रोकने के लिए अपना सबसे बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रदेश में करीब डेढ़ लाख (1.50 लाख) व्यापारी ऐसे हैं, जो जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद पंजीयन नहीं करा रहे हैं। अब विभाग ने साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल के बाद ऐसे सभी अपंजीकृत कारोबारियों को सीधे नोटिस थमाया जाएगा।
बिजली कंपनी और
बैंकों से मिला गुप्त डेटा
दरअसल,विभाग ने इस बार बहुत ही चालाकी से डेटा जुटाया है। विभाग ने उन इलाकों की सूची निकाली है जहां बिजली की खपत अचानक दोगुनी हो गई है। ऐसी फैक्टि्रयों और कारखानों की अब फिजिकल जांच होगी। बैंकों से भी उन व्यापारियों की जानकारी ली जा रही है जिनका टर्नओवर तो करोड़ों में है,लेकिन वे जीएसटी नहीं भर रहे हैं।
जीएसटी नंबर नहीं दिखाया तो 30 हजार का जुर्माना
विभाग ने केवल पंजीयन ही नहीं, बल्कि जानकारी डिस्प्ले करने पर भी सख्ती बढ़ा दी है। अगर आपने अपनी दुकान या दफ्तर के बाहर जीएसटी नंबर की जानकारी चस्पा नहीं की है,तो आप पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है। अफसरों के अनुसार,अभी भी 40 प्रतिशत व्यापारी अपनी जानकारी डिस्प्ले नहीं कर रहे हैं,जिन्हें अब चेतावनी के बाद सीधे दंडित किया जाएगा।
कोयला और ट्रांसपोर्टिंग में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
सूत्रों ने बताया कि जीएसटी विभाग के अफसरों की खास नजर कोयला और ट्रांसपोर्टिंग का काम करने वालों पर है। इन दोनों सेक्टर में बिना बिल के कच्चा काम सबसे ज्यादा मिल रहा है। इसके अलावा नॉन-ब्रांडेड सामग्री का कारोबार करने वाले भी विभाग के निशाने पर हैं।
जनता और व्यापारियों पर असर
कमिश्नर स्टेट जीएसटी पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मुताबिक, छोटे कारोबारी जिनका टर्नओवर बड़ा है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है। लेकिन जो जानबूझकर टैक्स चोरी कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। इस कदम से राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए 10 अप्रैल की डेडलाइन बड़ी चुनौती बन गई है।
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