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रायपुर@विधानसभा में ‘जी राम जी’ पर हंगामा…भूपेश ने मनरेगा को बताया बेहतर

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ऐसा कोई सगा नहीं,जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं : मुख्यमंत्री विष्णदेव साय
रायपुर,17 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन सदन में अवैध प्लॉटिंग और ‘जी राम जी’ के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मनरेगा को बेहतर बताया। जवाब में सत्ता पक्ष से अजय चंद्राकर ने कहा सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं है। जिसके बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। अपने विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सीएम ने कांग्रेस के 5 सालों के शासन को कुशासन करार देते हुए कहा, ऐसा कोई सगा नहीं,जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं। दिलचस्प बात यह रही कि जब मुख्यमंत्री सदन में कांग्रेस सरकार के कारनामों की गिनती करा रहे थे,तब विपक्षी विधायक सदन से नदारद थे। कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से पूछा- 2024 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक कितनी शिकायतें मिलीं? उन्होंने अवैध प्लाटिंग को लेकर खसरों की जांच और कार्रवाई की जानकारी मांगी।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा…
धमतरी में 3 शिकायतों की जानकारी मिली है। कांकेर में 5 शिकायत मिली,कुल 175 खसरा में 8 की जांच हुई। जांच और कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अब 3 पटवारी का इंक्रीमेंट रोका गया है। कई अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस दिया गया,अवैध प्लाटिंग को रोकने पर पूरा जोर है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- ये सवाल प्रत्येक सत्र में आता है। प्रदेश में कितने अवैध कॉलोनी बनी। कितने लोगों के ऊपर कार्रवाई हुई है।
मंत्री टंक राम वर्मा- अधिकारियों को अधिकार दिया गया है कार्रवाई करने का। तीनों पटवारी के वेतन वृद्धि को रोका गया है। 67 लोगों को नोटिस दिया गया है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर – आपने कहा अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई नहीं करने का कारण एसआईआर को बताया, लेकिन ये कॉलोनी कब बनी।
और कार्रवाई कब करेंगे बताइए।
भूपेश बघेल – मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे। धमतरी का पूछो तो कांकेर का जवाब देंगे और कांकेर का पूछो तो धमतरी का। क्या विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे?
टंकराम वर्मा – इसके लिए हमारा राजस्व विभाग सक्षम है। विभाग से ही जांच कराएंगे।
भूपेश बघेल – अवैध कॉलोनियों को मंत्री जी का विभाग बढ़ावा दे रहा है। उनको मंत्री का संरक्षण प्राप्त है।
जी राम जी के विरोध में स्थगन प्रस्ताव
जी राम जी के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल में सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थगन लाने का जिक्र करते हुए पहले के मनरेगा को बेहतर बताया। स्थगन को ग्राह्य कर चर्चा कराने की मांग की। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष के राजनीति का अड्डा नहीं, ये कांग्रेस की राजनीति का मंच नहीं, ये सदन जनता का मंच है। सदन का समय कीमती है। पक्ष-विपक्ष की ओर से तीखी नोक-झोंक हुई, सदन में जोरदार हंगामा हुआ, नारेबाजी होने लगी।
सदन की कार्यवाही का बहिष्कार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के मुद्दे पर राजनीति करनी हो तो हम करेंगे। स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
सदन में बजट अनुदान मांग? पर चर्चा
अपने विभागों से सम्बंधित बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- कांग्रेस के 5 साल में ये बात फेमस थी कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेसियों ने ठगा नहीं, उन्होंने अपनों को भी नहीं छोड़ा। आज वो सदन में नहीं है।
गौठानों में गौमाता की दुर्दशा देख खून के आंसू आते थे
सीएम साय ने नरवा,गरवा,घुरुवा,बारी योजना पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि ये योजनाएं सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि गौठानों के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई फूंक दी गई। सीएम ने भावुक होते हुए कहा…जब हम गौठानों में गायों की दुर्दशा देखते थे,तो हमारे खून के आंसू निकल आते थे।
शराब घोटाला और दो काउंटर का सच
सदन में शराब घोटाले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में शराब के दो काउंटर चलते थे एक कांग्रेस का एटीएम था और दूसरे काउंटर का पैसा सीधे उनकी जेब में जाता था। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि उनकी सरकार में आबकारी राजस्व 11 हजार करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि कांग्रेस के समय यह सिर्फ 5 हजार 100 करोड़ था।
नर्सरी और वृक्षारोपण
को लेकर सवाल

द्द इसके बाद कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने महासमुंद वनमंडल के सरायपाली वन परिक्षेत्र के जंगलबेड़ा गांव में नर्सरी और वृक्षारोपण को लेकर सवाल पूछा। चातुरी नंद ने मूल प्रश्न बदलने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल- मामला बेहद गंभीर है,मूल प्रश्न बदला गया है, ऐसे में जांच कर दोषी विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
– वन मंत्री केदार कश्यप-2025 को लेकर प्रश्न पूछा गया है,जिसका उत्तर हम दे रहे हैं।
– विधायक चातुरी नंद-मेरा मूल प्रश्न 2025 को लेकर था ही नहीं।
– आसंदी से सभापति ने कहा…प्रश्न अनिश्चितकाल के संदर्भ में था,क्योंकि अवधि उल्लेखित नहीं थी,इसलिए अवधि तय की गई,वरना प्रश्न नहीं लिया जा सकता था।


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