5 स्कूलों को नोटिस जारी,शिक्षा सचिव से मांगा पर्सनल एफिडेविट,पुराने आदेशों पर भी मांगी रिपोर्ट
रायपुर,15 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिना मान्यता वाले स्कूलों के एडमिशन विज्ञापन के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस मामले में पर्सनल एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित स्कूल को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। यह सुनवाई जनहित याचिका (ङ्खक्कक्कढ्ढरु हृश. 22/2016) में इंटरवीनर विकास तिवारी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर की गई।
शिकायतों पर कार्रवाई
नहीं,कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान इंटरवीनर ने कोर्ट को बताया कि उनकी शिकायतों को 5 फरवरी 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय ने दुर्ग,रायपुर और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजकर एक सप्ताह में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करते हुए अगली सुनवाई तक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
एडमिशन विज्ञापन पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
इंटरवीनर ने अदालत के सामने एक पत्रिका में प्रकाशित एडमिशन विज्ञापन भी प्रस्तुत किया। इसमें सत्र 2026-27 के लिए कई निजी स्कूलों में प्रवेश शुरू होने की जानकारी दी गई थी। याचिका में कहा गया कि ये स्कूल आवश्यक मान्यता के बिना संचालित हो रहे हैं इसके बावजूद एडमिशन का विज्ञापन देकर छात्रों को प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। इसे अदालत के पूर्व आदेशों का उल्लंघन बताया गया।
किड्स एकेडमी के पांच ब्रांच शामिल
एडमिशन विज्ञापन में जिन स्कूलों का उल्लेख किया गया। इनमें तुलसी कृष्णा किड्स एकेडमी, मोवा के अलावा कृष्णा किड्स एकेडमी के ही शंकर नगर,न्यू राजेंद्र नगर,सुंदर नगर और शैलेंद्र नगर ये चार ब्रांच शामिल हैं। कोर्ट ने मामले में कृष्णा पब्लिक स्कूल,तुलसी (रायपुर) को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
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