देश के कोने-कोने की सकारात्मक पहल को सामने लाता है ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री साय
रायपुर,22 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल,विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी,छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला,अखिलेश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच,नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला सशक्त संवाद बन चुका है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं,बल्कि देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक प्रयासों और असाधारण उपलब्धियों को सामने लाने वाला मंच है,जो समाज में सेवा, नवाचार और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रत्येक माह इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए देश को नई दिशा का संदेश दिया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की तकनीकी शक्ति को विश्व ने सराहा और ‘मेड इन इंडिया’ के तीन एआई मॉडल लॉन्च होना देश की नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी नवाचार,स्टार्टअप संस्कृति और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में धान की 500 से अधिक किस्मों की खेती हो रही है और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों की अथक मेहनत,वैज्ञानिकों के निरंतर अनुसंधान और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अमूल के माध्यम से पशु चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा ‘सुश्रुत संहिता’जैसे प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण और अनुवाद के प्रयासों का उल्लेख भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह भारत की परंपरा और तकनीक दोनों की शक्ति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा केरल की 10 माह की बालिका आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय का उल्लेख करते हुए उसे मानवता की अनुपम मिसाल बताया।
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