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रायपुर@महिला कॉन्स्टेबल से रेप और 3 बार अबॉर्शन…डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके सस्पेंड,प्यार के जाल में फंसाकर किया शोषण

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रायपुर,20 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आई है। बालोद जिले में एक महिला आरक्षक के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और जबरन गर्भपात कराने के आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीडि़ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के 6 महीने बाद आरटीआई के जरिए विभाग से कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस मामले ने सत्ता और रसूख के दुरुपयोग की एक भयावह तस्वीर पेश की है।
दोस्ती से शुरू होकर शोषण तक पहुँचा सफर : आरोपी डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके मूल रूप से डौंडी ब्लॉक के अंवारी गांव का निवासी है। पीडि़ता, जो वर्तमान में सीएएफ में महिला आरक्षक है,ने बताया कि उनकी मुलाकात साल 2017 में डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई के दौरान हुई थी। एक ही जाति के होने और साथ पढ़ने के कारण दोनों में घनिष्ठता बढ़ी,जो जल्द ही प्रेम संबंधों में बदल गई। दिलीप ने युवती को शादी का आश्वासन दिया और इसी वादे के दम पर पहली बार शारीरिक संबंध बनाए।
पढ़ाई का खर्च उठाया और तीन बार सहा गर्भपात का दर्द : पीडि़ता का आरोप है कि वह इस दौरान तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार दिलीप ने करियर और समाज का हवाला देकर जबरन उसका गर्भपात करा दिया। मार्च 2017 में जब वह पहली बार गर्भवती हुई, तो दिलीप ने पढ़ाई पूरी होने तक का इंतजार करने की बात कहकर उसे दवा खिला दी। अगस्त 2017 में युवती की पुलिस में नौकरी लग गई, जिसके बाद उसने अपनी मेहनत की कमाई से दिलीप की कोचिंग, हॉस्टल और अन्य खर्चों के लिए हर महीने पैसे भेजे ताकि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद बदला व्यवहार और आर्थिक ठगी
साल 2020 में दिलीप उइके ने पीएससी परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए। बीजापुर में पोस्टिंग मिलने के बाद उनका व्यवहार बदलने लगा। पीडि़ता के अनुसार,दिलीप ने उसके नाम पर एक ब्रेजा कार खरीदी और बाद में लोन की किश्तें युवती से ही भरवाकर कार अपने नाम करवा ली। इतना ही नहीं, युवती ने अलग-अलग समय पर बैंक से लोन लेकर लगभग 3.30 लाख रुपये भी दिलीप के खाते में ट्रांसफर किए थे।
अंडमान यात्रा और सरकारी क्वार्टर में शोषण की इंतिहा
दिसंबर 2024 में दिलीप युवती को अंडमान घुमाने ले गया,जहाँ फिर शारीरिक संबंध बने। इसके बाद जनवरी 2025 में युवती को बीजापुर स्थित सरकारी क्वार्टर में बुलाकर जबरन गर्भपात की दवा दी गई, जिससे उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई। मई 2025 में जब वह तीसरी बार गर्भवती हुई, तो दिलीप ने एक बार फिर वही क्रूरता दोहराई। अंततः 2 जून 2025 को आरोपी अपने तमाम वादों से मुकर गया और युवती से बातचीत बंद कर दी।


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