- लैब रिपोर्ट में बड़ा खुलासा…तीनों सैंपल ‘Not of Standard Quality‘ दवा में एक्टिव साल्ट शून्य
- जब गोली में दवा नहीं,तो जिम्मेदार कौन? स्वास्थ्य खतरे में,कार्रवाई कागजों में! जनता बीमार,तंत्र बेखबर?
- छत्तीसगढ़ में नकली एंटीबायोटिक का जालः लैब रिपोर्ट में ‘0.0 द्वद्द’ एक्टिव
- साल्ट,निरीक्षण से सीज तक सब दर्ज—फिर कार्रवाई कहाँ अटकी?
- रायपुर@दवा के नाम पर धोखा! तीन सैंपल फेल,एक्टिव साल्ट निकला शून्य
- सफेद गोली या मौत का सौदा? एंटीबायोटिक में दवा ही नहीं मिली
- Form-13 की रिपोर्ट से सनसनी : मरीजों को मिली बिना दवा की दवा
- जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ः लैब में फेल,फिर भी कार्रवाई अधूरी?
- दवा में दवा नहींः सरकारी लैब रिपोर्ट ने खोला बड़ा राज स्टॉक जब्त, मोबाइल सीज,रिपोर्ट फेल… फिर स्नढ्ढक्र क्यों नहीं?
न्यूज डेस्क
रायपुर,19 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में नकली या संदिग्ध गुणवत्ता वाली एंटीबायोटिक दवाइयों के कथित नेटवर्क पर अब दस्तावेजी परतें खुलने लगी हैं, निरीक्षण आदेश, जब्ती पंचनामा, मोबाइल सीज, और अंततः शासकीय प्रयोगशाला की Form-13 (Section 25(1), Drugs & Cosmetics Act,1940) के तहत जारी रिपोर्ट—सभी कडि़याँ एक ही दिशा में इशारा करती हैं। तीन अलग-अलग सैंपलों की लैब रिपोर्ट में दावा किए गए सक्रिय साल्ट की मात्रा 0.0 mg पाई गई और निष्कर्ष दर्ज हुआ— Not of Standard Quality ‘। यह केवल ‘कम गुणवत्ता’ का मामला नहीं; यदि अंतिम कानूनी परीक्षण में तथ्य पुष्ट होते हैं तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ गंभीर छल का मामला बन सकता है। नीचे पूरे घटनाक्रम, दस्तावेज और कानूनी पहलुओं को समेटती विस्तृत रिपोर्ट— बता दे की दिसंबर 2025 की कार्रवाई, मोबाइल सीज, और 16/12/2025 की Form-13 लैब रिपोर्ट—तीनों मिलकर एक गंभीर तस्वीर पेश करते हैंः दावा किए गए सक्रिय साल्ट 0.0 mg, यह तथ्य यदि विधिक कसौटी पर कायम रहता है,तो मामला साधारण गुणवत्ता दोष से कहीं आगे बढ़कर सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ बड़े छल का रूप ले सकता है,अब निगाहें अभियोजन की प्रगति, विभागीय पारदर्शिता और सप्लाई चेन की संपूर्ण जांच पर हैं। छत्तीसगढ़ में दवा की विश्वसनीयता तभी लौटेगी जब कागज़ी कार्रवाई अदालत तक पहुँचे और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो।
घटनाक्रम की शुरुआतः आदेश,निरीक्षण और जब्ती
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायपुर के कार्यालय से दिसंबर 2025 में जारी आदेश के आधार पर निरीक्षण टीम ने दो प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई की—नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट,गोंगांव, रिंग रोड-2, रायपुर व मैसर्स सरस्वती मेडिकल स्टोर,नया तालाब रोड,सारंगढ़ निरीक्षण टीम में औषधि निरीक्षक नीरज साहू,नमूना सहायक राजेश सोनी और हस्ताक्षरकर्ता औषधि निरीक्षक हेमंती नारायण सिंह का नाम दर्ज है, दस्तावेज बताते हैं कि बिल/जीआर के आधार पर स्टॉक का मिलान किया गया, नमूने लिए गए और शेष सामग्री को विधिवत जब्त कर अभिरक्षा में लिया गया।
जब्त दवाइयाँ (दस्तावेज अनुसार)
CUMOX CV-625 (Amo&ycillin + Clavulanate + Lactic Acid Bacillus)
G-CEF AZ (Cefi&ime + Azithromycin + Lactic Acid Bacillus)
ARRCEF-AZ (Cefi&ime + Azithromycin + Lactic Acid Bacillus) दस्तावेज में बैच नंबर, निर्माण/समाप्ति तिथि और लेबल पर दर्शाए गए निर्माताओं का विवरण भी दर्ज है।
डिजिटल साक्ष्यः मोबाइल सीज
निरीक्षण के दौरान फर्म संचालक के पुत्र वंश केसरवानी के मोबाइल (Gala&y Azy zG; IMEI विवरण दर्ज) की गैलरी में जब्त दवा का फोटो मिलने का उल्लेख है, प्रपत्र-16 के तहत मोबाइल सीज कर अभिरक्षा में लेने की कार्रवाई भी दर्ज है, यह तथ्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि सप्लाई चेन, बिलिंग और संचार की डिजिटल कडि़याँ अक्सर ऐसे मामलों में निर्णायक साबित होती हैं।
सरल शब्दों में
टैबलेट में एंटीबायोटिक का सक्रिय घटक शून्य पाया गया,यह निष्कर्ष अगर विधिक प्रक्रिया में कायम रहता है, तो मरीजों को दवा के नाम पर केवल भराव सामग्री मिलने का संकेत देता है।
Not of Standard Quality ‘—कानूनी फर्क- Drugs & Cosmetics Act,,1940 के तहत Not of Standard Quality (NSQ) का अर्थ है कि दवा निर्धारित फार्माकोपिया मानकों पर खरी नहीं उतरी। वहीं ‘Spurious’ (नकली) की परिभाषा में ब्रांड/लेबल की जालसाजी,निर्माता की गलत पहचान,या जानबूझकर धोखे की मंशा शामिल हो सकती है,यह अंतिम निर्धारण जांच,निर्माता से स्पष्टीकरण,और न्यायालयीन परीक्षण के बाद ही होता है। परंतु 0.0 mg सक्रिय साल्ट का तथ्य मामले को अत्यंत गंभीर बनाता है।
जनस्वास्थ्य पर प्रभावः एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा
ये दवाइयाँ एंटीबायोटिक श्रेणी की हैं—Cefixime, Azithromycin, Amo&ycillin, जैसी दवाएँ बैक्टीरियल संक्रमण में व्यापक रूप से दी जाती हैं, यदि मरीज को सक्रिय घटक रहित गोली दी जाएः संक्रमण नियंत्रण में विफलता, बीमारी का बिगड़ना, अस्पताल में भर्ती की नौबत, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का दीर्घकालिक खतरा, विश्व स्वास्थ्य संगठनों ने नकली/NSQ एंटीबायोटिक को वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना है।
निर्माताओं की भूमिका और ब्रांड प्रोटेक्शन
रिपोर्ट में लेबल पर दर्शाए गए निर्माताओं के नाम/लाइसेंस नंबर अंकित हैं,ऐसी स्थिति में दो संभावनाएँ होती हैं—ब्रांड/लेबल की जालसाजी व सप्लाई चेन में किसी स्तर पर मिलावट/री-पैकिंग निर्माता कंपनियों का आधिकारिक पक्ष,बैच-रिकॉल रिकॉर्ड, और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेल की फॉरेंसिक ऑडिट—इन सबकी जांच जरूरी है। यदि लेबल असली है तो उत्पादन स्तर पर गंभीर प्रश्न;यदि लेबल फर्जी है तो ब्रांड-इम्पर्सनेशन का मामला।
डिजिटल फॉरेंसिकः मोबाइल डेटा की अहमियत
सीज किए गए मोबाइल से— फोटो मेटाडेटा (तारीख/लोकेशन),चैट/कॉल रिकॉर्ड, बिलिंग/पेमेंट स्क्रीनशॉट,सप्लाई समन्वय जांच एजेंसियाँ महत्वपूर्ण कडि़याँ जोड़ सकती हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक हो सकती है।
जवाबदेही और विश्वास
दवा पर भरोसा स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ है। निरीक्षण से लेकर लैब रिपोर्ट तक की प्रक्रिया दस्तावेजों में दर्ज है। अब जनता यह जानना चाहती है कि—दोषियों पर कब और कैसी कार्रवाई होगी? क्या प्रभावित बैच का राज्यव्यापी रिकॉल हुआ? क्या मरीजों/डॉक्टरों को अलर्ट जारी किया गया? पारदर्शी कार्रवाई ही विश्वास बहाल कर सकती है।
सप्लाई चेनः ट्रांसपोर्ट से स्टॉकिस्ट तक…
दस्तावेज में जीआर नंबर और बिल का उल्लेख है, बिल असली दवा के नाम का,पर सामग्री संदिग्ध—ऐसी स्थिति में जांच को निम्न कडि़यों तक पहुँचना होगाः ट्रांसपोर्टर की भूमिका, सप्लायर/स्टॉकिस्ट,लेबल पर दर्शाए गए निर्माता,थोक विक्रेता/रिटेलर,लाइसेंस अथॉरिटी की निगरानी यदि तीन अलग-अलग ब्रांड/बैच में समान प्रकृति की कमी (0.0 mg) पाई गई,तो यह अलग-थलग घटना नहीं बल्कि संगठित गड़बड़ी का संकेत हो सकता है—हालाँकि अंतिम निष्कर्ष जांच पर निर्भर करेगा।
विभागीय जवाबदेही प्रक्रिया आगे बढ़ी या रुकी?
दस्तावेज बताते हैं कि नमूने विधिवत लिए गए,न्यायालय से अभिरक्षा अनुमति हेतु आवेदन किया गया,लैब रिपोर्ट जारी हुई, बड़ा प्रश्न यह है कि अभियोजन की वर्तमान स्थिति क्या है? क्या संबंधित पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज हुई? क्या लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण की कार्रवाई हुई? क्या DCGI/राज्य नियंत्रक को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा गया? क्या निर्माता कंपनियों से कारण बताओ नोटिस जारी हुआ? पारदर्शिता के लिए विभाग को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ARRCEF-AZ (Report No. 390)
दावाः Cefixime 200 mg + Azithromycin 250 mg
Found 0.0 mg (दोनों साल्ट)
Identification: Fail Fail
Assay: Fail
निष्कर्ष : Not of Standard Quality
2) G-CEF AZ
(Report No.389)
दावाः Cefixime 200 mg + Azithromycin 250 mg
Found 0.0 mg (दोनों साल्ट)
Identification/Assay: Fail
निष्कर्ष : Not of Standard Quality
3) CUMOX CV-625
(Report No.391)
दावाः Amoxycillin 500 mg + Clavulanate 125 mg
FoundÑ 0.0 mg (Amoxycillin)
Identification/Assay: Fail
अतिरिक्त टिप्पणीः लेबलिंग/मोनोग्राफ संबंधी आपत्ति
निष्कर्ष : Not of Standard Qualityd Quality
अतिरिक्त टिप्पणीः लेबलिंग/मोनोग्राफ संबंधी आपत्ति
निष्कर्ष :नीति और सुधारः आगे का रास्ता
SIT/विशेष जांच—राज्य स्तर पर बहु-विभागीय टीम
स्वतंत्र लैब से री-टेस्ट—क्रॉस-वेरिफिकेशन
ई-ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम—बारकोड/क्तक्र आधारित ट्रैकिंग
रैंडम मार्केट सर्विलांस—विशेषकर एंटीबायोटिक पर
व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन—अंदरूनी सूचना सुरक्षित चैनल
पब्लिक डिस्क्लोजर—NSQ सूची नियमित सार्वजनिक
डिस्क्लेमर
यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों,निरीक्षण रिपोर्ट,जब्ती पंचनामा तथा शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की FORM-13 रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है,इसमें उल्लिखित तथ्य संबंधित विभागीय अभिलेखों एवं लैब विश्लेषण में दर्ज निष्कर्षों पर आधारित हैं,इस समाचार में जिन व्यक्तियों,संस्थाओं या कंपनियों के नामों का उल्लेख है,उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की आपराधिक जिम्मेदारी या दोष सिद्धि का अंतिम निर्णय केवल सक्षम जांच एजेंसी एवं न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा, समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना नहीं,बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है,यदि संबंधित पक्ष इस विषय में अपना आधिकारिक पक्ष,स्पष्टीकरण या प्रतिवेदन देना चाहें,तो उसे ससम्मान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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