रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की मरीजों की स्वास्थ्य जांच,जरूरतमंदों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचार का लाभ
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ’सेवा मेरा योगदान’ की भावना को साकार करते हुए स्वास्थ्य विभाग सरगुजा द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके/चिरायु) के तहत शनिवार को जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी हेतु चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरुता के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में रायपुर के कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए कुल 48 मरीजों को चिन्हांकित किया। शिविर का आयोजन स्वास्थ्य विभाग जिला सरगुजा एवं कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया। इसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से चिरायु दलों द्वारा पूर्व में चिन्हांकित बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विकारों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों और मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ना है।
चार श्रेणियों में 48 मरीजों का चिन्हांकन : शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जलने से संबंधित समस्याओं (बर्न) के 08, जन्मजात कटे-फटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) के 18, कटे-फटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) के 12 तथा क्लब फुट के 10 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया। इस प्रकार कुल 48 मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने की पहल की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत मरीजों की आवश्यक सर्जरी रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में कराए जाने के संबंध में सहमति प्राप्त की गई।
समय पर पहचान एवं उपचार से बच्चों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य का लाभ : इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान एवं उचित उपचार के लिए मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जन्मजात विकारों का समय पर उपचार उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उपचार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर कार्यरत चिरायु दलों द्वारा बच्चों को चिन्हांकित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार का लाभ मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरतमंद बच्चों एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस शिविर में चिन्हांकित मरीजों को आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल की गई है। कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने बताया कि जन्मजात कटे-फटे होंठ, कटे-फटे तालू,क्लब फुट तथा जलने से संबंधित समस्याओं का समय पर उपचार मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। शिविर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड स्तर से शिविर स्थल तक मरीजों एवं उनके परिजनों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही शिविर स्थल पर मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था भी की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हांकित मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए रायपुर स्थित कालड़ा हॉस्पिटल तक पहुंचाने हेतु भी परिवहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को उपचार प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur