अंबिकापुर में नवरात्र की तैयारी पूरी,महामाया मंदिर में 4800 से अधिक ज्योति कलश होंगे प्रज्ज्वलित,गांधी चौक दुर्गा मंदिर में भी चार हजार से ज्यादा कलशों की तैयारी


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। मां महामाया के प्रति आस्था ऐसी कि हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद भक्तों का नाता मंदिर से नहीं टूटा है। अंबिकापुर के ऐसे कई मूल निवासी, जो आज अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में रह रहे हैं, वे भी शारदीय और चैत्र नवरात्र में मां महामाया मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराते हैं। इस बार भी विदेशों में रह रहे श्रद्धालुओं ने रसीद कटवाकर मां के दरबार में अपनी आस्था जताई है। रविवार से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि को लेकर शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मां महामाया मंदिर में इस वर्ष घी के 1600 और तेल के 3200 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। अमेरिका में रहने वाली दीया पटेल और मलेशिया के निक्कू तिवारी के परिवार की ओर से भी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराया जाएगा। विदेश में बसने के बाद भी इन परिवारों ने मां महामाया मंदिर से अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा का जुड़ाव बनाए रखा है।
नौ दिनों तक मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धा : शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही मां महामाया मंदिर सहित शहर के अन्य देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटने की उम्मीद है। मंदिरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मां महामाया मंदिर में श्रृंगार के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सुबह छह बजे से पूजा-अर्चना का शुभ मुहूर्त बताया गया है। राजपुरोहित द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस वर्ष पूरे नौ दिनों तक नवरात्रि मनाई जाएगी। गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर में भी चार हजार से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाने की तैयारी है। इसके अलावा गायत्री मंदिर, कुदरगढ़ मंदिर,लुचकी घाट स्थित काली मंदिर,केनापारा मंदिर,पुलिस लाइन स्थित गौरी मंदिर और संत हरकेवाल दुर्गा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भी ज्योति कलश जलाए जाएंगे।
शहर में दुर्गा पूजा की धूम : नवरात्रि के साथ शहर में दुर्गा पूजा की रौनक भी बढ़ गई है। विभिन्न पूजा समितियों ने जगह-जगह आकर्षक पंडाल तैयार किए हैं। मां दुर्गा की प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित करने का सिलसिला शुरू हो गया है। समितियों के सदस्य रैली की शक्ल में प्रतिमाएं लेकर पहुंचे और स्थापना की तैयारियों में जुटे रहे। नवरात्रि के पहले दिन से पंडालों में पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
पितृपक्ष के बाद शुरू
होंगे शुभ कार्य
पितृपक्ष के कारण पिछले पखवाड़े से शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था। शारदीय नवरात्रि के आरंभ के साथ ही धार्मिक गतिविधियों के अलावा शुभ कार्यों की शुरुआत भी होगी। देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना,ज्योति कलश और दुर्गा पूजा के आयोजनों से शहर में नौ दिनों तक भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है।
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