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सोनहत@आईसेक्ट की कौशल विकास यात्रा पहुंची सोनहत,विद्यार्थियों को शिक्षा,कौशल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दी जानकारी

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‘समर्थ भारत-सक्षम भारत’ की थीम पर आयोजित अभियान में करियर अवसरों से लेकर भविष्य की तकनीकों तक हुई चर्चा,एआई साक्षरता मिशन रहा प्रमुख आकर्षण
-संवाददाता-
सोनहत,09 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत आईसेक्ट द्वारा आयोजित कौशल विकास यात्रा-2026 के तहत गुरुवार को सोनहत के शासकीय नवीन महाविद्यालय में जागरूकता एवं विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा, करियर के अवसर,कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा आईसेक्ट की विभिन्न शैक्षणिक एवं कौशल विकास पहलों की जानकारी दी गई।
‘समर्थ भारत-सक्षम भारत’ की थीम पर आधारित आईसेक्ट की यह कौशल विकास यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक देशभर में संचालित की जा रही है, अभियान के माध्यम से देश के 20 राज्यों और 300 जिलों में विद्यार्थियों, युवाओं,शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य की तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
विद्यार्थियों से हुआ सीधा संवाद– सोनहत महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें करियर मार्गदर्शन,कौशल आधारित शिक्षा और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी दी गई,विद्यार्थियों को आईसेक्ट समूह की शैक्षणिक पहलों,उपलब्ध पाठ्यक्रमों और भविष्य में करियर की संभावनाओं से परिचित कराया गया,कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, बदलते रोजगार परिदृश्य,व्यावहारिक कौशल तथा विद्यार्थियों की रुचि और योग्यता के अनुरूप शैक्षणिक विकल्पों पर भी जानकारी साझा की गई,विद्यार्थियों को क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीयन करने तथा आगे की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणाओं से कराया परिचित- कौशल विकास यात्रा-2026 का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है, इसी क्रम में आईसेक्ट के एआई साक्षरता मिशन के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणाओं,शिक्षा एवं दैनिक जीवन में इसके उपयोग तथा एआई उपकरणों के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जा रही है,इसके साथ ही ‘एआई में भविष्य’ विषय के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उभरते करियर विकल्पों, भविष्य में आवश्यक कौशल,सीखने के विभिन्न मार्गों तथा एआई आधारित कार्यक्षेत्रों के लिए जरूरी तैयारियों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया जा रहा है।
रोजगार की जरूरतों के अनुरूप कौशल पर जोर-आईसेक्ट की कौशल विकास यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रमों और शैक्षणिक पहलों की जानकारी भी दी जा रही है, इनमें भविष्य के कौशल,एनीमेशन एवं दृश्य-श्रव्य तथा गेमिंग क्षेत्र,शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण,लेखांकन सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण और फैशन एवं इंटीरियर डिजाइन से जुड़े कौशल विकास अवसर शामिल हैं, इसके अलावा विद्यार्थियों को कौशल आधारित पाठ्यक्रमों,नियमित एवं निजी कार्यक्रमों,ऑनलाइन स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों तथा ऑनलाइन और मिश्रित अध्ययन के विकल्पों की जानकारी दी जा रही है, आईसेक्ट समूह के विश्वविद्यालयों में उपलब्ध परिसर आधारित डिग्री कार्यक्रमों से भी विद्यार्थियों को परिचित कराया जा रहा है।
500 शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य- आईसेक्ट की कौशल विकास यात्रा-2026 के माध्यम से लगभग 500 स्कूलों, कॉलेजों एवं शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने तथा लगभग 1,000 आईसेक्ट कौशल ज्ञान प्रदाताओं और केंद्रों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा गया है,आईसेक्ट के प्रतिनिधि ने कहा कि कौशल विकास यात्रा केवल एक शैक्षणिक अभियान नहीं है,बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों,कौशल आधारित शिक्षा और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है,इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक रुचि और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सही विकल्पों तथा कौशल के प्रति जागरूक करना है, महाविद्यालय के प्राचार्य श्री शैलेश कुमार मिश्रा ने आईसेक्ट की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एआई साक्षरता मिशन और कौशल विकास यात्रा विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, करियर की संभावनाएं तलाशने तथा भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है,आईसेक्ट का यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, आईसेक्ट केंद्रों और स्थानीय हितधारकों के समन्वय से विद्यार्थियों तक शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी जागरूकता से जुड़ी जानकारी पहुंचाने पर केंद्रित है, ‘समर्थ भारत-सक्षम भारत’ की भावना के अनुरूप यह पहल युवाओं को अपनी रुचि,योग्यता और करियर लक्ष्य के अनुसार शैक्षणिक विकल्प समझने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित कर रही है।


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