- पीजी कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला,6 महीने में 18 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचा विजन संस्था का अभियान
- आईजी दीपक झा बोले…अकेलापन और बात साझा नहीं करना भी मानसिक परेशानी के संकेत

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,01 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल, नशे और परिवार से दूरी के बीच विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को पीजी कॉलेज में विजन समाजसेवी संस्था और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरगुजा जिले के चयनित स्कूलों, बीएड विद्यार्थियों और पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज बड़ी चुनौती है। किसी व्यक्ति का अकेले रहना, खुद में खोए रहना और अपनी बातें किसी से साझा नहीं करना मानसिक परेशानी के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। ऐसे में आसपास के लोगों को संवेदनशील होकर जरूरतमंद की बात सुननी चाहिए और समय पर उचित मार्गदर्शन दिलाना चाहिए।
विजन संस्था की संयोजक एवं समाजसेवी-अधिवक्ता शिल्पा पांडे ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जिले के स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य, मोबाइल के दुरुपयोग, शारीरिक एवं मानसिक शोषण के खिलाफ जागरूकता और पारंपरिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
पिछले छह महीने में करीब 18 हजार विद्यार्थी इन कार्यशालाओं से जुड़ चुके हैं। स्कूलों के साथ छात्रावास और कोचिंग संस्थानों में भी अभियान चलाया जा रहा है।
विद्यार्थियों को बताई विशाखा समिति की प्रक्रिया : कार्यशाला में विद्यार्थियों को विशाखा समिति के संबंध में जानकारी दी गई। शिल्पा पांडे ने बताया कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों को समिति के कार्यालय, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और समिति के कार्यों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि किसी भी महिला के साथ अनुचित व्यवहार की स्थिति में शिकायत की जा सके। पीजी कॉलेज के मनोरोग विभाग की विभागाध्यक्ष तृप्ति विश्वास ने भी महाविद्यालय में संचालित विशाखा समिति और उसके क्रियान्वयन की जानकारी दी।
परिवार से जुड़े रहना जरूरी : कार्यक्रम की अध्यक्षता संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. शारदा त्रिपाठी ने की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी बातें गुरुजनों से बिना संकोच साझा करनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति नोडल प्रभारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने मोबाइल के दुरुपयोग और नशे को मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौती बताते हुए परिवार के साथ मजबूत जुड़ाव पर जोर दिया। शिक्षा विभाग के सहायक संचालक रविंद्र रविशंकर तिवारी ने संस्था के पहुंचविहीन क्षेत्रों तक चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना की। कवि एवं समाजसेवी संतोष दास ने कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन कामिनी सिंह ने किया। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के स्टाफ और विजन संस्था के कार्यकर्ताओं ने आयोजन में सहयोग दिया।
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