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सूरजपुर@सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में चार दोषी,सजा पर फैसला 8 अक्टूबर को

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  • प्रधान आरक्षक की पत्नी-पुत्री की नृशंस हत्या के मामले में कुलदीप साहू,फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह,चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी दोषी
  • फैसले के इंतजार में न्यायालय परिसर में उमड़ी भीड़,मीडिया से लेकर आम लोगों तक की टिकी रही नजरें…दूसरे मामले में कुलदीप को 10 साल की सजा

सूरजपुर,28 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। करीब दो साल से सूरजपुर ही नहीं,बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चित रहे प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और पुत्री के नृशंस हत्याकांड में सोमवार को न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया,अपराध क्रमांक 575/2024 में न्यायालय ने कुलदीप साहू,फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह,चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को दोषी करार दिया है,हालांकि दोषसिद्धि के बाद भी तत्काल सजा नहीं सुनाई गई, न्यायालय ने सजा के बिंदु पर फैसला 8 अक्टूबर 2026 तक सुरक्षित रखा है, इसलिए 28 सितंबर का फैसला इस मामले का महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन अंतिम सजा का आदेश अभी बाकी है, अब 8 अक्टूबर को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों के संबंध में क्या दंड निर्धारित किया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
फैसले की खबर मिलते ही न्यायालय में जुटी भीड़
सोमवार को जैसे ही दोहरे हत्याकांड में फैसला आने की जानकारी सामने आई, सूरजपुर न्यायालय परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी,मीडिया कर्मियों के साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे,हर किसी को इंतजार था कि करीब दो साल से चल रहे इस बहुचर्चित मामले में अदालत का फैसला क्या आता है,न्यायालय परिसर में काफी भीड़भाड़ का माहौल रहा,पुलिस की मौजूदगी के बीच लोग लगातार मामले को लेकर चर्चा करते रहे। जैसे ही चार आरोपियों को दोषी करार दिए जाने की जानकारी सामने आई, न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच फैसले की चर्चा तेज हो गई। हालांकि सजा का फैसला 8 अक्टूबर तक सुरक्षित रखे जाने से मामले को लेकर अगली तारीख का इंतजार भी शुरू हो गया।
13 अक्टूबर 2024 की वह घटना जिसने सूरजपुर को हिला दिया था-13 अक्टूबर 2024 को सूरजपुर में हुई घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था,सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और पुत्री की हत्या कर दी गई थी,दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर खेत में मिले थे,घटना से पहले पुलिसकर्मियों के साथ हुए विवाद और हमले के बाद आरोपी की तलाश की जा रही थी,इसी घटनाक्रम के बीच प्रधान आरक्षक के घर को निशाना बनाए जाने का आरोप सामने आया,घर में खून के निशान मिलने के बाद पत्नी और पुत्री की तलाश शुरू हुई और बाद में दोनों के शव बरामद हुए, घटना के बाद पुलिस ने कई अलग-अलग अपराध दर्ज किए और आरोपियों की गिरफ्तारी की,मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए कुलदीप साहू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश की थी।
अब 8 अक्टूबर पर टिकी निगाहें-करीब दो वर्ष से इस मामले के अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे लोगों के लिए 28 सितंबर का फैसला महत्वपूर्ण है,लेकिन मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है,अपराध क्रमांक 575/2024 में दोषसिद्धि हो चुकी है, जबकि सजा का निर्धारण बाकी है, अब 8 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली न्यायालयीन कार्यवाही इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होगी,उसी दिन यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि प्रधान आरक्षक की पत्नी और पुत्री की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए कुलदीप साहू, फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को न्यायालय क्या सजा सुनाता है, दो साल के इंतजार के बाद दोषसिद्धि हुई, अब अंतिम निगाह सजा के आदेश पर है।
अपराध क्रमांक 574/2024 में कुलदीप को 10 साल की सजा
सोमवार को इसी घटनाक्रम से जुड़े एक अन्य मामले में भी फैसला आया, अपराध क्रमांक 574/2024 में पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलकर जान से मारने के प्रयास के मामले में न्यायालय ने कुलदीप साहू को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है,वहीं अपराध क्रमांक 218/2024 में पुलिस टीम पर अवैध हथियार से फायरिंग कर जान से मारने के आरोप से संबंधित मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया,इस तरह सोमवार को तीन मामलों में अलग-अलग न्यायिक परिणाम सामने आए—एक में दस साल का कठोर कारावास,एक में दोषमुक्ति और सबसे चर्चित दोहरे हत्याकांड में चार आरोपियों की दोषसिद्धि।


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