Breaking News

बैकुंठपुर@ विधिक सेवा प्राधिकरण की तत्परता से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला का उपचार शुरू

Share


उदलकछार रेलवे फाटक के पास मिली महिला को रेस्क्यू कर सिटी अस्पताल में कराया भर्ती,मेडिकल रिपोर्ट के बाद सेंदरी मानसिक चिकित्सालय भेजने की तैयारी
-संवाददाता-
बैकुंठपुर,28 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर, जिला कोरिया की तत्परता और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया, महिला को मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उदलकछार रेलवे फाटक के पास अस्वस्थ अवस्था में पाए जाने के बाद रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मामले में तत्काल पहल की गई, महिला की स्थिति को देखते हुए अधिकार मित्र अंजनी यादव, थाना झगड़ाखाड़ को सूचना दी गई,महिला को विधिक सहायता एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय शुरू किया गया, इसके बाद अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा, थाना मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से 112 सेवा की सहायता से महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर, चैनपुर लाया गया, यहां महिला की स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार और संरक्षण को लेकर केंद्र की प्रशासक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क किया गया।
सखी सेंटर से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था- महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर में रखने के बाद उसके उपचार की आवश्यकता संबंधी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को दी गई, सचिव के निर्देशन में महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई,इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से महिला को 220 बिस्तरीय सिटी अस्पताल, मनेन्द्रगढ़ में भर्ती कराया गया, महिला को अस्पताल तक पहुंचाने और भर्ती कराने की प्रक्रिया में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर पूजा रजक और सुप्रिया तिवारी का सहयोग प्राप्त हुआ।
अस्पताल में उपचार जारी- सिटी अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में महिला का उपचार वर्तमान में जारी है, उसके मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट की प्रक्रिया भी चल रही है, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट आने तथा आवश्यक न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिला को मानसिक चिकित्सालय सेंदरी भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी,इस पूरे मामले में पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,अधिकार मित्र, सखी वन स्टॉप सेंटर,महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय से महिला को सुरक्षित स्थान से चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया गया।
सामूहिक प्रयास से मिली महिला को मदद- मानसिक रूप से अस्वस्थ और असहाय अवस्था में सार्वजनिक स्थान पर मिली महिला के लिए समय पर हस्तक्षेप कर उसे उपचार उपलब्ध कराना इस मामले का महत्वपूर्ण पक्ष रहा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर विभिन्न स्तरों से मिले सहयोग के कारण महिला को अस्पताल में भर्ती कराया जा सका। फिलहाल उसका उपचार जारी है और आगे की प्रक्रिया मेडिकल रिपोर्ट एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर तय की जाएगी।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@माता-पिता लौटे तो अंदर से बंद था दरवाजा,हथौड़ी से खोला तो 10 साल की बेटी मृत मिली

Share मथुआपारा की घटनाः पांचवीं की छात्रा थी अंजिता, शाम को घर में अकेली थी; …

Leave a Reply