मैनपाट में जमीन पर उतरे बादल,ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,26 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सितंबर के आखिरी सप्ताह में सरगुजा में मौसम ने अचानक करवट ली है। तीन दिनों से लगातार बने बादल,रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी है। शनिवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच दिनभर फुहारें पड़ती रहीं। इसका सबसे ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों में देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में बादल जमीन पर उतर आए और पूरे दिन ठंडी हवाओं के बीच लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। अंबिकापुर में भी मौसम का असर साफ दिखाई दिया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। अधिकतम तापमान 25.5 और न्यूनतम 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवा के कारण तापमान में गिरावट के साथ लोगों को सितंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा।
बारिश के अलर्ट पर स्कूलों में रही छुट्टी : मौसम विभाग ने 26 सितंबर को उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तेज हवा की संभावना जताई थी। मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शासन ने शनिवार को सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया था। हालांकि सरगुजा में भारी बारिश के बजाय रुक-रुककर हल्की बारिश हुई,लेकिन तेज हवाओं ने दिनभर मौसम को ठंडा बनाए रखा।
खेतों में पानी,धान में रोग का खतरा
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। अधिक नमी से धान समेत अन्य फसलों में फफूंदजनित रोग बढऩे की आशंका है। कृषि मौसम विज्ञान इकाई ने किसानों को बारिश और तेज हवा के दौरान कीटनाशक, फफूंदनाशक और उर्वरक का छिडकाव नहीं करने की सलाह दी है। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। धान की फसल में ब्लास्ट, जीवाणु झुलसा समेत अन्य रोगों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं तेज हवा से फसल के गिरने की आशंका है। किसानों को गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और आकाशीय बिजली से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मानसून की विदाई अभी दूर
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई अभी नहीं हुई है। वर्तमान मौसम प्रणाली के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है। इसके कमजोर होने में 4 से 5 दिन लगने की संभावना है। इसके बाद मानसून की विदाई में भी करीब 4 से 5 दिन लग सकते हैं। ऐसे में उत्तरी छत्तीसगढ़ से मानसून की पूरी तरह विदाई में अभी 8 से 10 दिन लगने का अनुमान है। रविवार से मौसम में कुछ सुधार की संभावना है।
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