-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,26 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जलाशयों में जलभराव तेजी से बढ़ा है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है, बैकुण्ठपुर विकासखंड की झुमका मध्यम परियोजना में 99 प्रतिशत तथा गेज मध्यम परियोजना में 101 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, दोनों मध्यम परियोजनाओं को मिलाकर जलभराव 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है,बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अमले को जलाशयों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जलाशयों,बांधों,नदी-नालों और जलप्रपातों के आसपास जाने से बचें,खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले नहीं भेजने की सलाह दी गई है, जिला प्रशासन का जोर फिलहाल किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने और बारिश के दौरान नागरिकों को सुरक्षित रखने पर है,जिला कोरिया का झुमका बांध और गेज जलाशय जिले के प्रमुख जल संसाधन एवं प्राकृतिक स्थलों में शामिल हैं।
झुमका 99 और गेज 101 प्रतिशत भराव पर-जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बैकुण्ठपुर विकासखंड में स्थित झुमका मध्यम परियोजना 99 प्रतिशत तथा गेज मध्यम परियोजना 101 प्रतिशत जलभराव की स्थिति में पहुंच गई है, दोनों परियोजनाओं को मिलाकर जलभराव 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है, गेज परियोजना में 101 प्रतिशत जलभराव का आंकड़ा सामने आने के बाद जलाशय की स्थिति पर निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है।
वाहन चालकों के लिए भी जारी की गई विशेष अपील-लगातार बारिश के कारण जिले की सड़कों पर फिसलन और जलभराव की स्थिति बन सकती है,इसे देखते हुए कलेक्टर ने दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों से बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा है, उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें, बारिश के दौरान वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और फिसलन वाले मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें,विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन,पानी और अचानक सामने आने वाले गड्ढे खतरा पैदा कर सकते हैं,इसलिए प्रशासन ने सुरक्षित गति से वाहन चलाने पर जोर दिया है।
बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों से रहें दूर-बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बिजली से जुड़े उपकरणों को लेकर भी सावधानी बरतने कहा है,कलेक्टर ने नागरिकों से बिजली के खंभों,तारों और ट्रांसफार्मरों से दूरी बनाए रखने की अपील की है,उन्होंने मवेशियों और अन्य पशुओं को भी ऐसे स्थानों से दूर रखने कहा है, बारिश के दौरान यदि किसी स्थान पर बिजली का तार टूटकर गिरा हो या विद्युत उपकरण के आसपास पानी जमा हो तो वहां जाने से बचने और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गई है।
जर्जर भवनों में बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश-बारिश के दौरान केवल जलभराव ही नहीं,बल्कि पुराने और क्षतिग्रस्त भवन भी खतरे का कारण बन सकते हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों,छात्रावासों और आश्रम शालाओं सहित अन्य भवनों की स्थिति पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं,यदि किसी भवन में किसी प्रकार की क्षति दिखाई देती है या भवन जर्जर स्थिति में है तो ऐसे भवनों में बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश दिए गए हैं,प्रशासन ने संबंधित विभागों को ऐसी स्थिति की जानकारी तत्काल प्राप्त करने तथा आवश्यकता होने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं,साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी सरकारी अथवा सार्वजनिक भवन की स्थिति खराब नजर आने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।
आपात स्थिति में प्रशासन को दें सूचना-जिला प्रशासन ने जलभराव अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में नागरिकों से तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है, इसके लिए बैकुण्ठपुर और सोनहत अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),संबंधित तहसीलदार तथा स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया जा सकता है,प्रशासन की अपील का उद्देश्य बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक जोखिम लेने से रोकना है,खासकर जलाशयों और जलप्रपातों के आसपास सेल्फी अथवा घूमने के लिए जाने से बचने,बच्चों को पानी के आसपास अकेला नहीं छोड़ने तथा जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है।
जलस्तर बढ़ने के साथ बढ़ी सतर्कता- कोरिया में झुमका और गेज मध्यम परियोजनाओं में दर्ज उच्च जलभराव के बीच प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी अब महत्वपूर्ण हो गई है,जल संसाधन विभाग के अनुसार जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है,दूसरी ओर कलेक्टर ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए बारिश के दौरान सुरक्षित रहने को प्राथमिकता देने कहा है।
जलाशयों पर लगातार रखी जा रही नजर…
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ए. टोप्पो ने बताया कि जिले के जलाशयों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है,लगातार बारिश को देखते हुए संबंधित अमला जलाशयों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है,इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बारिश के दौरान जलाशयों का जलस्तर तेजी से बदल सकता है,ऐसे में आम लोगों का जलाशयों के किनारे जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है,प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि केवल मनोरंजन अथवा घूमने के उद्देश्य से ऐसे स्थानों पर जाने से बचें।
जलप्रपात और नदी-नालों से भी दूरी जरूरी…
बारिश के मौसम में जलप्रपातों, नदी-नालों और बांधों के आसपास पानी का बहाव अचानक बढ़ने की स्थिति बन सकती है,इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है,उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि बच्चों को नदी,नाले, तालाब,डैम और जलप्रपात जैसे स्थानों पर अकेले नहीं भेजें,बच्चों को जलभराव वाले और फिसलन वाले स्थानों से भी दूर रखें,कलेक्टर की यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव उच्च स्तर पर पहुंच चुका है,प्रशासन का उद्देश्य लोगों को जोखिम वाले स्थानों से दूर रखकर बारिश के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।
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