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रायपुर@छत्तीसगढ़ में बारिश कहर…बाढ़ में फंसी बस,रस्सी बांधकर यात्रियों को निकाला

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गंगरेल के 14 गेट खुले,रायपुर में जलभराव,बस्तर में स्कूल बंद,परीक्षाएं रद्द


रायपुर,25 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश का दौर जारी है। गरियाबंद में रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस सराई भदर के पास बाढ़ के पानी में फंस गई। नाले में करीब 4 फीट पानी था और दोनों ओर पानी का तेज बहाव था। बस में सवार करीब 50 यात्रियों को पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राजधानी रायपुर के भाठागांव, सुंदर नगर,महादेवघाट रोड और विधानसभा क्षेत्र सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया है। जगदलपुर के गंगा मुंडा इलाके के साथ निचली बस्तियों में नालियां जाम होने से सड़कें पानी में डूब गई हैं। मां प्रसाद मुखर्जी वार्ड में लोगों के घरों में भी नालियों का पानी घुस गया है। बारिश के चलते बस्तर जिले में आज सभी स्कूल बंद हैं। रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन से किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की 2 ट्रेनें और जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द कर दी गई है। गरियाबंद में 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इससे 10 साल पहले आई बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गरियाबंद और कांकेर में भारी बारिश के चलते प्रशासन ने होने वाली तिमाही परीक्षा रद्द कर दी है। सिकासार बांध से सुरक्षा के लिए 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
लैंडस्लाइड से 2 ट्रेनें रद्द,जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी कैंसिल
भारी बारिश के कारण रायगढ़ मंडल के एमवीजी-सीटीएस स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर लैंडस्लाइड हुआ है। इसके चलते किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की दो प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 58502/58501 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर और 18516/18515 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस शामिल हैं। बारिश के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। सुकमा और बीजापुर के कई गांवों में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हैं। पानी भरने से कई गांव टापू में बदल गए हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से इंद्रावती नदी उफान पर है और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। गरियाबंद के देवभोग और अमलीपदर में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। तेल और सुखतेल नदी समेत कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई घरों में पानी घुस गया है और हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। लोग रातभर घर का सामान बचाने में जुटे रहे। 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज होने से 10 साल पहले आई बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश के चलते प्रशासन ने आज से होने वाली त्रैमासिक परीक्षा रद्द कर दी है। सिकासार बांध से सुरक्षा के लिए 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पुल के ऊपर बह रहा पानी
सुकमा जिले की शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल के ऊपर पानी बह रहा है। पुल पर आवागमन बंद होने से एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं,एर्राबोर में एनएच-30 और सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर भी पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है।
मध्य-दक्षिण छतीसगढ़ में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना गहरा लो प्रेशर एरिया उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके असर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
बस्तर में स्कूल बंद,परीक्षा रद्द
बस्तर जिले में लगातार बारिश और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिले के सभी शासकीय,निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। 24 सितंबर को भी जिले के स्कूल बंद रहे। 25 सितंबर को होने वाली त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।
इंद्रावती के किनारे
मुनादी,रपटों पर बैरिकेडिंग

बारिश के बीच इंद्रावती नदी के तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने एसडीएम,तहसीलदारों और होमगार्ड कमांडेंट को फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। जलमग्न होने की आशंका वाले रपटों और पुल-पुलियों पर दोनों ओर बैरिकेडिंग कर कोटवार और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदी, नालों और रपटों को पार नहीं करने की अपील की है। आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।

सीएम साय ने सभी कलेक्टरों से कहा-अलर्ट रहें
आम जनता को नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी


प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा, हमने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा है। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि भारी बारिश के कारण कहीं भी किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाया जाए। आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने लोगों से नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलमग्न पुल-पुलियों एवं सड़कों को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें और जिन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगाए गए हैं, वहां प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी रखें। गिरे हुए बिजली के तारों अथवा विद्युत संबंधी किसी खतरे से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें।
गंगरेली बांध भी लबालब 14 गेट खोले गए…
खाड़ी में बना चक्रवात ‘अर्नब’ बीती रात ओडिशा और आंध्रप्रदेश के तटीय से जा टकराया। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। बस्तर का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां झमाझम बारिश ने महानदी और इंद्रवती नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। कई जिले बाढ़ की चपेट में है। स्कूलों में छुट्?टी दे दी गई है गंगरेली बांध भी लबालब भरने से 14 गेट खोले गए हैं। इससे निचले क्षेत्र जैसे राजिम, नवापारा की ओर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने 20 से अधिक जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
प्रदेश में अब तक 100.1
प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज

छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने सामान्य औसत का आंकड़ा पार कर लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 25 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 100.1 प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है। कोंडागांव जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पुल-पुलियों के ऊपर पानी आने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सुरक्षा को देखते हुए 25 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत टीमों को भेजा है। टीमें जलभराव और बढ़े हुए जलस्तर वाले इलाकों का जायजा ले रही हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।


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