-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा के उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी अब ग्रामीणों के लिए सितंबर से शुरू होने वाली सालाना चिंता का कारण बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के दल हर वर्ष सितंबर में इस क्षेत्र में पहुंचते हैं और नवंबर तक अलग-अलग इलाकों में विचरण करते हैं। इस बार भी हाथियों की आवाजाही शुरू हो गई है। पहले से मौजूद 15 हाथियों के दल के बाद सोमवार रात कोरिया से सूरजपुर होते हुए 12 हाथियों का एक और दल ग्राम सरमा पहुंच गया। इससे उदयपुर क्षेत्र में हाथियों की संख्या बढकर 27 हो गई है। 15 हाथियों का दल सुखरी भंडार,बिछलघाटी, सायर, ससकालो और लक्ष्मणगढ़ समेत आसपास के जंगलों में विचरण कर रहा है। वहीं 12 हाथियों का दूसरा दल सरमा और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है। इन इलाकों के कई गांव जंगल से लगे हुए हैं। रात के समय हाथियों के गांवों के करीब पहुंचने की आशंका से ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
15 हेक्टेयर फसल को नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने अब तक करीब 15 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के दो अलग-अलग दलों में बंटकर विचरण करने से वन विभाग के लिए निगरानी का दायरा भी बढ़ गया है। विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सितंबर से नवंबर के बीच हाथियों की मौजूदगी हर साल बनी रहती है। ऐसे में इस अवधि में फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती रहती है। इस बार 27 हाथियों के दो दलों में सक्रिय होने से वन विभाग को एक साथ कई क्षेत्रों में निगरानी करनी पड़ रही है।
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