कुत्तों के हमले के बाद सख्ती,श्वानों पर नियंत्रण और पहचान पट्टा अनिवार्य
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,27 मार्च 2026 (घटती-घटना)। शहर के संजय पार्क में आवारा श्वानों के हमले से 15 हिरणों की मौत के बाद वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने प्रदेशभर के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों के आसपास रहने वाले श्वानों की पहचान के लिए उनके गले में विशेष रंग का पट्टा लगाया जाएगा। साथ ही टाइगर रिजर्व और अन्य वन क्षेत्रों में आवारा श्वानों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसके लिए अगले दो सप्ताह के भीतर सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई के निर्देश : वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा ताकि उनके पालतू श्वान जंगल में प्रवेश न करें। यदि श्वान वन क्षेत्र में पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता अभियान शुरू होगा : आवारा श्वानों को पकडऩे और नियंत्रित करने के लिए एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। वन विभाग ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर पोस्टर,बैनर और बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाएगा।
बचे 16 हिरणों को अभ्यारण में छोड़ा जाएगा : घटना के बाद वन विभाग ने बड़ा निर्णय लेते हुए संजय पार्क में बचे 16 हिरणों को अभ्यारण में छोडऩे की तैयारी शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि यहां 31 हिरणों को बिना सेंट्रल जू अथॉरिटी की अनुमति के रखा गया था। डीएफओ सरगुजा अभिषेक जोगावत ने बताया कि संजय पार्क चिडिय़ाघर नहीं,बल्कि रेस्क्यू सेंटर है, जहां घायल वन्य प्राणियों का उपचार कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि सभी वन्यजीवों को चरणबद्ध तरीके से अभ्यारण में भेजा जाएगा।
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